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भारत और साउथ अफ्रीका के बीच चल रहे 5 टी 20 मैचों की सरीजी का बुधवार को चौथा मैच मौसम खराब होने के कारण रद्द हो गया। इस मैच का घने कोहरे के कारण टॉस नहीं हो सका। टॉस से पहले अंपायर्स ने शाम 6 बजे निरिक्षण किया जिसके बाद मैच को थोड़ा देरी से शुरु करने का फैसला लिया गया। लेकिन फिर भी कोहरा कम नहीं हुआ तो मैच को रद्द् करना पड़ा। भारत और साउथ अफ्रीका के बीच यह चौथा मुकाबला लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में बिना टॉस किए ही रद कर दिया गया। कोहरा इतना ज्यादा था कि दृश्यता बेहद खराब रही। जिसकारण मैच करवा पाना संभव नहीं था। इस सीरीज में भारत 2-1 से आगे है। इस सीरीज का अंतिम मैच 19 दिसंबर को बहमदाबाद(गुजरात) में खेला जाएगा। इस मैच में जीत दर्ज कर सूर्यकुमार यादव की अगुआई वाली टीम की नजरें सीरीज अपने नाम करने पर होंगी। मैच रद्द हो जाने के कारण एक बार फि र से बीसीसीआई बोर्ड की टूर और पिक्चर कमेटी को सवालों ने घेर लिया है। सर्दियों में उत्तर और पूर्वी भारत में डे-नाईट मुकाबले कराने कि फैसलों की जमकर आलोचना हो रही है। फैंस ने आलोचना करते हुए कहा कि दिन रात मैच तय करने से पहले अनुमानित कोहरे की समस्या को भांप लेना चाहिए।
कई बार किया निरीक्षण नहीं हुआ सुधार
स्टेडियम में कोहरा इतना अधिक था कि हवा में गेंद को पकड़ना फील्डरों के लिए खतरे से खाली नहीं था। इसी वजह के कारण मैच को र्द्द करना पड़ा। अंपायर्स ने मैदान का छह बार निरीक्षण किया और अंत में मैच को रद्द करने का फैसला लिया गया। मैच का टॉस लगभग साढे छह बजे होना था लेकिन कोहरा ही इतना ज्यादा था कि बार बार इसमें देरी होती रही। अंपायर्स ने पहली बार निरीक्षण शाम 6 बजकर 50 मिनट पर किया लेकिन फिर भी हालात जस के तस थे। इसके बाद 7:30, 8:00, 9:00, और इसके बाद अंतिम 9 बजकर 25 मिनट पर किया गया।
डेसिंग रूप लौटे खिलाड़ी
दक्षिण अफ्र ीका की टीम पहले थोड़ा वार्म-अप करने मैदान पर उतरी लेकिन कोहरा लगातार बने रहने के कारण उन्हें परेशानी हुई जिसकारण वे डेÑसिंग रूप लौट गए। हालांकि अधिकारियोें ने लगातार नजर बनाई हुई थी और दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने लगातार मैदान में कई बार वार्म अप किया भारतीय टीम के ओल राउंडर हार्दिक पांडया ने इस घने कोहरे के कारण फेस मास्क पहने हुए देखा।
एक भी गेंद फैंके बिना हुआ मैच रद्द
मैदान का कई बार निरीक्षण करने के बाद भी हालात में सुधार न होने के कारण अधिकारियोें ने एक भी गेंद न फेंके मैच को स्थगित करने का फैसला लिया। एक टिप्पणी में दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन ने कहा, 'गेंदबाजों के नजरिए से ये बिल्कुल अलग परिस्थितियां हैं। उन्होंने कहा कि मैंने ऐसा मौसम कभी पहले नहीं देखा। आगे कहा, 'कल रात करीब 8 बजे मैं मॉल तक गया था और हालात बेहद खराब थे। 20 मीटर आगे तक दिखना मुश्किल था। मुझे डर है कि स्थिति और खराब हो सकती है।'
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गिल चोटिल होकर सीरीज से बाहर
भारतीय टी20 टीम के उपकप्तान शुभमन गिल फिर चोटिल हो गए हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, गिल पैर की अंगुली में चोट के कारण दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के शेष दो मैचों से बाहर हो गए हैं। समझा जाता है कि गिल को ये चोट ट्रेनिंग सत्र के दौरान लगी थी। गिल को इससे पहले टेस्ट सीरीज के दौरान गर्दन में चोट लगी थी और उन्होंने टी20 सीरीज से मैदान पर वापसी की थी।
सांध्यकालीन मौसमीय परिवर्तन और दृश्यता का तीव्र क्षरण
लखनऊ में बुधवार को दिन के समय वातावरण में केवल हल्की धुंध के संकेत मौजूद थे, किंतु सूर्यास्त के पश्चात मौसमीय दशाओं में तीव्र और अप्रत्याशित परिवर्तन देखने को मिला। जैसे-जैसे शाम आगे बढ़ी, कोहरे की सघनता में निरंतर वृद्धि होती गई, जिससे स्टेडियम परिसर के भीतर दृश्यता अत्यंत सीमित हो गई। फ्लडलाइट्स की कृत्रिम रोशनी कोहरे के सूक्ष्म कणों से परावर्तित होकर दृश्य क्षेत्र को और अधिक बाधित कर रही थी। परिणामस्वरूप, कुछ ही मीटर की दूरी पर स्थित खिलाड़ी, अंपायर और तकनीकी अधिकारी भी स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहे थे। ऐसी परिस्थितियों में गेंद की गति, ऊंचाई और दिशा का अनुमान लगाना फील्डरों के लिए न केवल चुनौतीपूर्ण, बल्कि संभावित रूप से गंभीर जोखिम से जुड़ा हुआ माना गया।
टॉस में देरी और निरीक्षण की क्रमिक प्रक्रिया
मैच का टॉस शाम 6:30 बजे निर्धारित था, किंतु प्रतिकूल मौसम के कारण इसे तत्काल स्थगित कर दिया गया। अंपायरों द्वारा पहली बार 6:50 बजे मैदान का निरीक्षण किया गया, जिसमें दृश्यता को खेल के लिए अनुपयुक्त पाया गया। इसके उपरांत 7:30, 8:00, 8:30, 9:00 और 9:25 बजे तक कुल छह बार निरीक्षण किए गए। प्रत्येक निरीक्षण में यही निष्कर्ष सामने आया कि परिस्थितियों में कोई सार्थक सुधार नहीं हुआ है। आयोजन अधिकारियों ने पर्याप्त समय तक प्रतीक्षा की, ताकि किसी भी संभावित मौसमीय सुधार की संभावना का वस्तुनिष्ठ आकलन किया जा सके, किंतु अंतत: यह स्पष्ट हो गया कि मुकाबले का आयोजन न तो व्यावहारिक है और न ही सुरक्षित।
निर्णय प्रक्रिया में प्रशासनिक सहभागिता
7:30 बजे के निरीक्षण के दौरान अंपायरों ने दृश्यता का आकलन करने के लिए व्यावहारिक परीक्षण किए, जिनमें पिच से बाउंड्री तक स्पष्ट दृष्टि की पुष्टि करने का प्रयास शामिल था। यह प्रक्रिया इस बात का प्रत्यक्ष संकेत थी कि कोहरे की सघनता खेल संचालन के न्यूनतम मानकों को भी पूरा नहीं कर पा रही थी। इस दौरान भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ के अध्यक्ष राजीव शुक्ला भी मैदान पर उपस्थित रहे और आयोजन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की। सभी स्तरों पर विचार-विमर्श के बाद यह सर्वसम्मति बनी कि खिलाड़ियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं हो सकता।
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खिलाड़ियों की तैयारी, प्रतीक्षा और मानसिक दबाव
प्रारंभिक चरण में दक्षिण अफ्रीकी टीम ने सीमित वॉर्म-अप गतिविधियां प्रारंभ कीं, जिससे यह संकेत मिला कि अधिकारी परिस्थितियों पर अंतिम क्षण तक निगरानी बनाए रखना चाहते थे। हालांकि, कोहरे की तीव्रता बढ़ने के साथ ही खिलाड़ियों को सुरक्षा कारणों से ड्रेसिंग रूम लौटना पड़ा। भारतीय खिलाड़ी भी मैदान और आंतरिक क्षेत्रों के बीच बने रहे और लगातार अद्यतन जानकारी की प्रतीक्षा करते रहे। इस दौरान भारतीय आॅलराउंडर हार्दिक पांड्या को फेस मास्क का उपयोग करते देखा गया, जो पर्यावरणीय प्रतिकूलता की गंभीरता को रेखांकित करता है। लंबे समय तक अनिश्चितता की स्थिति में बने रहना खिलाड़ियों के लिए मानसिक रूप से भी चुनौतीपूर्ण सिद्ध हुआ।

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