हरियाणा की होनहार कबड्डी खिलाड़ी प्रतिज्ञा का असमय निधन, सपनों पर लगा विराम

 

कबड्डी की गोल्ड मेडल विजेता होनहार खिलाड़ी प्रतिज्ञा का आकस्मिक निधन, खेल जगत में शोक की लहर

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फतेहाबाद जिला के गांव भुथनकला से ताल्लुक रखने वाली होनहार कबड्डी खिलाड़ी और दसवीं कक्षा की छात्रा प्रतिज्ञा का आकस्मिक निधन हो गया। प्रतिज्ञा के निधन की खबर जैसे ही गांव भुथनकला और आसपास के क्षेत्रों में पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों और ग्रामीणों के लिए यह खबर बेहद दुखद रही, क्योंकि प्रतिज्ञा कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी थी।Up to Date 

अंडर-14 आयु वर्ग की राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी 

प्रतिज्ञा अंडर-14 आयु वर्ग की राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी खिलाड़ी थीं। पिछले वर्ष महाराष्ट्र में आयोजित 68वीं राष्ट्रीय स्कूली खेल प्रतियोगिता में उन्होंने हरियाणा टीम का नेतृत्व किया था। उनकी कप्तानी में हरियाणा की महिला कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा था। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद जब प्रतिज्ञा अपने गांव भुथनकला लौटी थीं, तो पूरे गांव ने ढोल-नगाड़ों, फूल मालाओं और जोरदार स्वागत के साथ अपनी विजेता बेटी का अभिनंदन किया था। उस समय गांववासियों को गर्व था कि उनकी बेटी ने गांव, जिले और हरियाणा का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। Up to Date 

लेकिन यह खुशी ज्यादा समय तक कायम नहीं रह सकी। जानकारी के अनुसार 11 दिसंबर को प्रतिज्ञा को अचानक छाती में दर्द की शिकायत हुई। परिजन उन्हें तुरंत फतेहाबाद के एक निजी अस्पताल में लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने छाती में संक्रमण बताया। हालत गंभीर होने पर उन्हें अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां भी स्वास्थ्य में सुधार न होने पर प्रतिज्ञा को रोहतक पीजीआई में भर्ती कराया गया।

करीब बीस दिनों तक प्रतिज्ञा जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करती रहीं, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद आखिरकार कल सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी असमय मौत ने न केवल उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया, बल्कि पूरे हरियाणा के खेल जगत को भी झकझोर कर रख दिया।Up to Date 

प्रतिज्ञा को एक उभरती हुई महिला कबड्डी खिलाड़ी के रूप में देखा जा रहा था। खेल विशेषज्ञों और प्रशिक्षकों का मानना था कि यदि उनका यह आकस्मिक निधन न होता, तो आने वाले वर्षों में वह राज्य ही नहीं बल्कि देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रोशन कर सकती थीं। उनकी मेहनत, नेतृत्व क्षमता और खेल के प्रति समर्पण युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा था।Up to Date 

प्रतिज्ञा के निधन पर गांव भुथनकला में शोक सभा आयोजित की गई, जहां ग्रामीणों, खिलाड़ियों और खेल संगठनों ने उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। आज एक होनहार बेटी के जाने से गांव की खुशियां मातम में बदल गई हैं और हरियाणा की महिला कबड्डी को अपूरणीय क्षति पहुंची है। Up to Date 

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