Nathusari News नाथूसरी-चौपटा में पत्नी को जहर, फिर खुद निगला ज़हर पत्नी की मौके पर मौत, 112 पर कॉल के बाद पति ने भी तोड़ा दम

 नाथूसरी-चौपटा के गांव खेड़ी में दर्दनाक घटना: दंपती ने जहर खाकर दी जान

जांच में पति द्वारा पहले पत्नी को जहर देने की पुष्टि



सिरसा। जिले के नाथूसरी-चौपटा क्षेत्र के गांव खेड़ी में सोमवार-मंगलवार की रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक बुजुर्ग दंपती ने जहर का सेवन कर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे गांव में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि पति ने पहले अपनी पत्नी को जहर दिया और उसके बाद खुद भी जहर खा लिया। मृतकों की पहचान रामचंद्र (63) और उनकी पत्नी महेंद्रो देवी (60) के रूप में हुई है। परिजनों को दोनों के शव घर के एक कमरे में पड़े मिले। महिला की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि रामचंद्र को गंभीर हालत में जिला नागरिक अस्पताल, सिरसा में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।

जिला नागरिक अस्पताल, सिरसा

 पुलिस के अनुसार, घटना के बाद घर और आसपास के इलाके की गहन तलाशी ली गई, लेकिन कहीं से भी कोई जहरीला पदार्थ, कीटनाशक या उसका डिब्बा बरामद नहीं हुआ। यह बात पुलिस के लिए भी एक चुनौती बनी हुई है कि जहर कहां से और कैसे आया। फिलहाल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और विसरा जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

घटना के समय घर में थे अकेले

जानकारी के अनुसार, रामचंद्र और महेंद्रो देवी घर में अकेले रहते थे। उनका बेटा धोलू अपने परिवार के साथ गांव में ही दूसरे मकान में रहता है। घटना के समय दोनों पति-पत्नी घर में अकेले थे। परिजनों का कहना है कि महेंद्रो देवी काफी समय से बीमार चल रही थीं और उनका इलाज भी चल रहा था। पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना वाली रात रामचंद्र के घर से तेज आवाजें आ रही थीं, लेकिन शुरूआत में किसी ने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। कुछ ही देर बाद हालात बिगड़ गए। पुलिस के मुताबिक, रामचंद्र ने पहले अपनी पत्नी महेंद्रो देवी को जहर दे दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद रामचंद्र ने खुद भी जहर का सेवन कर लिया।



112 पर खुद दी सूचना

इस मामले में एक चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि जहर निगलने के बाद रामचंद्र ने खुद ही डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही चौपटा पुलिस मौके पर पहुंची। उस समय घर का मेन गेट बंद था। पुलिस ने दरवाजा खुलवाकर अंदर प्रवेश किया। इसी दौरान मृतक का बेटा धोलू भी मौके पर पहुंच गया। एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, दोनों पति-पत्नी कमरे में बेसुध अवस्था में पड़े थे। महिला की मौत हो चुकी थी, जबकि रामचंद्र की सांसें चल रही थीं। पुलिस ने तुरंत दोनों को जिला नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने महेंद्रो देवी को मृत घोषित कर दिया। रामचंद्र का इलाज शुरू किया गया, लेकिन कुछ समय बाद उनकी भी मौत हो गई।

 महेंद्रो देवी

पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे

पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम करवाया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह आत्महत्या का मामला है, लेकिन सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। रामचंद्र के परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है। सभी की शादी हो चुकी है। बेटा धोलू खेतीबाड़ी करता है। उसके पास करीब ढाई एकड़ जमीन है और करीब 10 एकड़ जमीन उसने ठेके पर ले रखी है। धोलू ने पुलिस को बताया कि उसकी मां लंबे समय से बीमार थीं, जिससे परिवार तनाव में था। धोलू ने यह भी बताया कि सोमवार शाम को वह आखिरी बार अपने पिता से मिला था। उस समय उसके पिता नशे की हालत में थे। इसके बाद रात में यह दर्दनाक घटना हो गई।

गांव में शोक का माहौल

इस घटना के बाद पूरे गांव खेड़ी में मातम का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि रामचंद्र और महेंद्रो देवी शांत स्वभाव के लोग थे और किसी से उनका कोई विवाद नहीं था। अचानक हुई इस घटना से हर कोई स्तब्ध है। चौपटा थाना पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। जहर की बरामदगी न होना एक अहम सवाल है, जिसकी जांच की जा रही है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही जहर के प्रकार का पता चल सकेगा। पुलिस परिजनों के बयान और कॉल डिटेल्स सहित अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। यह घटना न केवल एक परिवार के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक गंभीर और दुखद संदेश छोड़ गई है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ