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जोधपुर: कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा के अचानक निधन ने उनके समर्थकों और स्थानीय लोगों में शोक और संदेह दोनों पैदा कर दिया है। मामला तब और गंभीर हो गया जब उनके पिता ने साध्वी के सोशल मीडिया अकाउंट से एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि अब उनके जाने के बाद न्याय मिलेगा। पुलिस ने इस पोस्ट और मृत्यु की वास्तविक परिस्थितियों की गहन जांच शुरू कर दी है। up to date
मौत की घटना और पोस्टमार्टम
साध्वी प्रेम बाईसा का निधन बुधवार शाम लगभग 6 बजे हुआ। उनके पिता बिरमनाथ ने बताया कि उनकी बेटी की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने अकाउंट से साध्वी की ओर से पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि न्याय मिलेगा।
गुरुवार को महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम करवाया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव को बालोतरा जिले के जाजती गांव में उनके मां की समाधि के पास अंतिम संस्कार के लिए रवाना किया गया। पोस्टमार्टम के समय स्थानीय लोग और समर्थक मौजूद रहे और उन्होंने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की। up to date
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पिता का बयान और सोशल मीडिया पोस्ट
साध्वी के पिता बिरमनाथ ने बताया कि साध्वी मंगलवार रात डेढ़ बजे अजमेर से कथा कर लौट आई थीं। हल्का जुकाम होने के कारण उन्होंने अस्पताल में इंजेक्शन लगवाया था। पिता के अनुसार, इंजेक्शन के बाद उनकी स्थिति बिगड़ गई और प्राइवेट अस्पताल में ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
बिरमनाथ ने यह भी बताया कि उनके पास ही साध्वी का सोशल मीडिया अकाउंट था और उन्होंने मृत्यु के कुछ घंटे बाद एक पोस्ट किया। इसमें लिखा गया कि अब उनके जाने के बाद न्याय मिलेगा। इस पोस्ट ने समर्थकों में संदेह पैदा किया कि साध्वी के निधन में किसी प्रकार की अनियमितता तो नहीं हुई। up to date
मौत की हर एंगल से जांच
एसीपी छवि शर्मा ने पुष्टि की कि साध्वी की मौत की हर एंगल से जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि पुलिस पोस्ट की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि साध्वी के सोशल मीडिया अकाउंट तक किन्हें एक्सेस था। up to date
साध्वी को इंजेक्शन लगाने वाली नर्स को बुधवार शाम हिरासत में लिया गया है और उनसे मामले की जानकारी ली जा रही है। पुलिस पूरे मामले में उत्पन्न संदेहों को दूर करने के लिए हर पहलू का अध्ययन कर रही है।
समर्थकों की चिंता और आश्रम के कैमरे
साध्वी के समर्थक प्रेमराज चौधरी ने कहा कि मामले की पूरी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में आश्रम से सीसीटीवी कैमरे हटाए गए थे, जिससे कई तरह के सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि मौत के बाद पोस्टमार्टम में विलंब और शव के पोस्टमार्टम के दो घंटे बाद रवाना होने से भी संदेह पैदा हुआ।
साध्वी के समर्थक और स्थानीय लोग न्याय की मांग कर रहे हैं और आश्रम के भीतर और आसपास की परिस्थितियों पर भी ध्यान देने की जरूरत बताई जा रही है। up to date
पिछला मामला: जुलाई का वीडियो वायरल
गत वर्ष जुलाई में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें साध्वी प्रेम बाईसा अपने पिता से गले मिल रही थीं। इस घटना के बाद साध्वी ने बोरानाडा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी और पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। उस समय भी साध्वी ने खुद की अग्नि परीक्षा करवाने की बात कही थी।
समर्थकों का कहना है कि उस घटना के बाद भी साध्वी पर दबाव बना रहा और यह बात इस हत्या-संदेह के सवालों को और बढ़ाती है। up to date
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पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार
साध्वी का पोस्टमार्टम गुरुवार को महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में लगभग पौने दो बजे शुरू हुआ और लगभग दो घंटे बाद समाप्त हुआ। हालांकि पोस्टमार्टम के तुरंत बाद भी स्थानीय लोगों और समर्थकों के बीच शव को तुरंत रवाना न करने को लेकर मतभेद पैदा हो गया।
पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने समझाइश के बाद शव को करीब पौने चार बजे रवाना किया। शव वाहन के साथ बड़ी संख्या में साध्वी के समर्थक भी शामिल हुए। अंतिम संस्कार बालोतरा जिले के जाजती गांव में उनकी मां की समाधि के पास किया गया। एसीपी छवि शर्मा ने कहा कि साध्वी प्रेम बाईसा की मृत्यु की हर पहलू से जांच की जाएगी। इसमें सोशल मीडिया पोस्ट, इंजेक्शन देने वाली नर्स और मृत्यु से जुड़े मेडिकल रिकॉर्ड शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की लापरवाही या अपराध पाया गया तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। up to date
मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग
साध्वी के समर्थक मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि केवल पोस्टमार्टम और सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा। आश्रम के भीतर सीसीटीवी कैमरों की अनुपस्थिति और मृत्यु के समय अस्पताल में देरी ने संदेह और बढ़ा दिया है। up to date
साध्वी प्रेम बाईसा की मृत्यु ने उनके अनुयायियों और स्थानीय लोगों को गहरा शोक दिया है। वहीं, सोशल मीडिया पोस्ट और इंजेक्शन के मामलों ने इस घटना को संवेदनशील और जांच योग्य बना दिया है। पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है और न्याय सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया है।



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