Sirsa Crime Breaking News : पीलीमंदोरी लापता कांड: महापंचायत में बच्चों का सनसनीखेज खुलासा, आखिर कौन बोल रहा है सच ?

 
महापंचायत में सवालों के जवाब देते बच्चे up to date

पीलीमंदोरी लापता बच्चों का मामला: महापंचायत में बच्चों ने खोले राज, कई सवाल अब भी अनसुलझे

भट्ठूकलां। Bhattumandi  पीलीमंदोरी Pili mandori गांव से 28 दिसंबर की शाम करीब छह बजे लापता हुए दो नाबालिग बच्चे अक्षय और विनय के मामले में आज गांव में हुई महापंचायत में बड़ा खुलासा हुआ। महापंचायत के दौरान दोनों बच्चों ने बताया कि उन्हें लापता करने और छुपाने में कौन-कौन शामिल था। हालांकि, पूरे मामले को लेकर अब भी कई गंभीर सवालों के जवाब सामने नहीं आ पाए हैं। जानकारी के अनुसार, 28 दिसंबर को बच्चों के अचानक गायब होने के बाद पुलिस Police और ग्रामीणों ने रातभर तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। 29 दिसंबर को डॉग स्क्वायड की टीम मौके पर पहुंची, जिसके बाद दोनों बच्चों को गांव के ही एक पड़ोसी के घर में नरमें के ढेर से बरामद किया गया। इस मामले में पुलिस ने घर की महिला Sunita सुनीता पत्नी विनोद कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, लेकिन इस कार्रवाई से बच्चों के परिजन और ग्रामीण संतुष्ट नहीं थे। up to date

वीरवार को गांव में बुलाई गई महापंचायत 

इसी को लेकर वीरवार को गांव में महापंचायत बुलाई गई। पंचायत में जब दोनों बच्चों से पूरी घटना पूछी गई तो उन्होंने बताया कि खेत से नरेश अंकल उन्हें बाइक पर बैठाकर गांव में लाए और सुनीता चाची के घर छोड़कर चले गए। बच्चों के अनुसार, सुनीता ने उन्हें डराया और कहा कि उनकी मां का फोन आया है, जिसमें बताया गया है कि उनके पिता ने किसी की हत्या कर दी है और पुलिस उन्हें पकड़कर ले गई है। बच्चों से कहा गया कि पुलिस उन्हें भी ढूंढ रही है, इसलिए वे घर में ही छुप जाएं। बच्चों ने बताया कि पहले उन्हें सुनीता ने कोठरी में छुपाया। जब गांव में पुलिस तलाश के लिए आई तो उन्हें नरमें के ढेर में छुपा दिया गया। बच्चों का आरोप है कि इस दौरान विनोद और नरेश भी उन्हें देखने आए थे और तीनों को इस बात की पूरी जानकारी थी कि पुलिस और परिजन बच्चों को ढूंढ रहे हैं, फिर भी किसी को सूचना नहीं दी गई। वहीं, महापंचायत में जब नरेश से सवाल किया गया तो उसने आरोपों को नकारते हुए कहा कि वह बच्चों को सुनीता के घर नहीं छोड़कर आया, बल्कि उन्हें दुकान से पेटीज आदि खिलाकर सज्जन सोनी के घर के पास छोड़ दिया था। up to date

महापंचायत के दौरान इक्ट्ठे हुए लोग व पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किए गए लोग up to date


सच-झूठ को लेकर मुंह खोले खडे हैं कई सवाल.....?

अब पूरे मामले में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सच कौन बोल रहा है और झूठ कौन। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि बच्चे खुद छुपे थे तो क्यों और किस डर से, और यदि परिवार को बच्चों के घर में होने की जानकारी थी तो पुलिस या परिजनों को सूचना क्यों नहीं दी गई। साथ ही यह भी सवाल बना हुआ है कि सुनीता ने बच्चों को किस मकसद से छुपाया। फिलहाल, मामले को लेकर गांव में तनाव और चर्चाओं का माहौल है। पुलिस जांच जारी है और ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी। up to date

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