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| प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में शीतलहर up to date |
हरियाणा में सर्दी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में शीतलहर और घने कोहरे के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। 11 जनवरी 2026 को दर्ज न्यूनतम तापमान के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि ठंड इस सीजन की सबसे तीव्र अवस्था में पहुंच चुकी है। मौसम विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार हिसार प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान मात्र 2.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा के कई जिलों में तापमान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस के आसपास रिकॉर्ड किया गया। सिरसा में न्यूनतम तापमान 3.0 डिग्री, जींद में 3.1 डिग्री और नूंह जिले के मंडकोला क्षेत्र में 3.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। कैथल जिले के सीवन में पारा 3.4 डिग्री और सोनीपत के गोहाना में 3.7 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। विशेषज्ञों की मानें तो आने वाले दिनों में तापमान और अधिक गिर सकता है, जिससे फसलों को बचाना बेहद जरूरी है। इसीलिए किसान समय समय पर पानी देते रहें। up to date
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रोहतक में दर्ज किया गया न्यूनतम पारा 4 डिग्री सैल्सियस
रोहतक जिले में न्यूनतम तापमान 4.0 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि गुरुग्राम और पानीपत दोनों जगह 4.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। औद्योगिक क्षेत्र फरीदाबाद में न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं रोहतक जिले के सांपला में 4.4 डिग्री और सोनीपत शहर में 4.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। राजधानी से सटे क्षेत्रों में भी ठंड का असर साफ दिखाई दिया। चंडीगढ़ शहर और करनाल जिले के उचाना क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 5.0 डिग्री सेल्सियस रहा। अंबाला में तापमान 5.5 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि चंडीगढ़ एयरपोर्ट क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 6.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। up to date
गिरते पारे ने बढ़ाई परेशानी दृश्यता हुई कम
लगातार गिरते तापमान के साथ-साथ घने कोहरे ने भी परेशानी बढ़ा दी है। सुबह और देर रात के समय दृश्यता बेहद कम हो रही है, जिससे सड़कों पर वाहन चालकों को खासा सतर्क रहना पड़ रहा है। कई स्थानों पर कोहरे के कारण यातायात की रफ्तार धीमी रही। ठंड के चलते बाजारों में ऊनी कपड़ों की मांग बढ़ गई है और लोग अलाव का सहारा लेने को मजबूर हैं। कृषि क्षेत्र पर भी ठंड का असर देखने को मिल रहा है। up to date
यदि पाला और अधिक गिरा तो हो सकता है फसलों को नुकसान
गेहूं और सरसों की फसलों के लिए यह ठंड कुछ हद तक फायदेमंद मानी जा रही है, लेकिन अत्यधिक पाला पड़ने की स्थिति में नुकसान की आशंका भी बनी रहती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यदि तापमान इसी तरह नीचे बना रहा, तो पाले का खतरा बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे के बने रहने की संभावना जताई है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे सुबह और रात के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचें, बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें तथा कोहरे में वाहन चलाते समय फॉग लाइट और धीमी गति का प्रयोग करें। ठंड का यह दौर अभी और चुनौतीपूर्ण रहने की उम्मीद है। up to date


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