फतेहाबाद। क्षेत्र के गांव पीलीमंदोरी से 28 दिसंबर को लापता हुए दोनों बच्चे अक्षय और विनय केस सुलझने का नाम ही नहीं ले रहा है। अब बच्चों के पिता ने मीडिया के सामने आकर नया खुलासा करते हुए बच्चों के चाचाओं पर आरोप लगाया है। उन्होेंने बताया कि 29 दिसंबर को पुलिस ने डॉग स्क्वायड की मदद से बरामद किया था। बच्चों के पिता सुरेन्द्र सिंह राहड़ ने वीरवार को मीडिया के सामने घटनाक्रम साझा करते हुए आरोप लगाया कि केवल चाची सुनीता को गिरफ्तार करना न्यायोचित नहीं है, बल्कि इस घटना में सुनीता के पति विनोद कुमार और नरेश भी पूरी तरह से शामिल थे। सुरेन्द्र सिंह के अनुसार, 28 दिसंबर को बच्चे उनके साथ खेत में काम कर रहे थे। बच्चों ने दुकान से चीजें लाने के लिए नरेश के साथ उसकी बाइक पर गांव की ओर रवाना हुए। बाद में जब वे घर लौटे, तो बच्चों की दादी ने पूछा कि अक्षय और विनय कहां हैं। up to date
पहले परिवार ने सोचा कि बच्चे स्वयं वापस आ जाएंगे, लेकिन खोजबीन में कुछ पता नहीं चला। इसके बाद नरेश से पूछताछ की गई, जिसने कहा कि वह बच्चों को गांव में छोड़कर आया था।
उन्होंने आगे जिक्र करते हुए बताया कि परिवार और गांव वालों की मदद से पुलिस ने पूरी रात बच्चों की तलाश की। अगले दिन दोपहर में डॉग स्क्वायड की टीम ने विनोद कुमार के घर से बच्चों को सुरक्षित बरामद किया। सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि इस दौरान बच्चों की चाची सुनीता, उसका पति विनोद और नरेश बार-बार बच्चों को संभालते हुए जगह बदलते रहे, ताकि पुलिस उन्हें पकड़ न सके।
![]() |
| पुलिस ने अब विनोद और नरेश पर भी केस दर्ज किया है। up to date |
इस मामले में सुनीता के पति की भी मुख्य भूमिका थी। पुलिस ने बच्चों की बरामदगी के बाद सुनीता को गिरफ्तार किया, जबकि सुरेन्द्र सिंह का सवाल है कि नरेश और विनोद के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने बताया कि जिस दिन बच्चे लापता हुए, उसी दिन शाम करीब साढ़े पांच बजे नरेश और सुनीता के बीच फोन पर 17 सेकंड की बातचीत हुई थी। बच्चों ने भी बयान में कहा कि उन्हें नरेश ने सुनीता के घर छोड़ा था, जबकि नरेश का दावा है कि उसने बच्चों को केवल गांव में छोड़ दिया था।
मामले की जांच में पुलिस ने अब सुनीता के पति विनोद और नरेश पर भी केस दर्ज किया है। up to date
हालांकि गांव के लोग और बच्चों के परिजन अभी भी इस जांच से संतुष्ट नहीं हैं और चाहते हैं कि बच्चों को गायब करने के मकसद की स्पष्ट जानकारी पुलिस जल्द सामने लाए। परिजनों का कहना है कि पुलिस बच्चों गायब करने के मकसद की भी पर्दाफास करते हुए मामले की जांच करे और पूरे मामले की जानकारी सबके सामने रखे। यह मामला अब पीलीमंदोरी गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है, और लोगों की नजरें जांच प्रक्रिया पर टिकी हैं। up to date
लोगों ने कहा कि पुलिस निश्पक्ष जांच करे ताकि कोई बेकसूर न पकड़ा जाए और कसूरवार को कड़ी सजा मिले। पुलिस की ओर से कहा गया है कि जांच पूरी तरह से निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और जल्द ही सभी पहलुओं को उजागर किया जाएगा।


0 टिप्पणियाँ