Agriculture News : आर्गेनिक खेती के दम पर दो किसान भाईयों ने कर दिया ये अनोखा काम, हर कोई हैरान

8 किलोग्राम वजनी शलगम के साथ किसान।

किचन गार्डन में आर्गेनिक तरीके से उगा दिया 8 किलो की शलगम turnip root vegetable

रसायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक व आर्गेनिक तरीके से  खेती कर रहे 

रसायनिक खेती छोड़कर अब प्राकृतिक व आर्गेनिक Natural and Orgenic Kheti  खेती अपनाना किसानों की जरूरत बनता जा रहा है। आजमन भी यही चाहने लगा है कि रासायनिक खेती कम हो, ताकि जहरमुक्त अन्न पैदा हो सके। ऐसे ही कुरुक्षेत्र जिला के गांव अभिमन्युपुर Gaon Abhimanyupur Kurukchetra के दो किसान भाई किचन गार्डन आर्गेनिक तरीके से  खेती कर रहे हैं। ये जोड़ी है किसान अश्वनी कुमार शर्मा व राजीव शर्मा जिन्होंने यह कारनामा कर दिखाया है। 

  किसान भाईयों द्वारा 8 किलोग्राम वजनी शलगम उगाई है। इनकी शलगम सोशल मीडिया पर भी सुर्खियां बटौर रही हैं। अभिमन्युपुर गांव के किसान अश्वनी कुमार शर्मा ने बताया कि वह खेती का शौक रखते हैं। पिछले 45 साल से वह अपने भाई के साथ मिलकर खेती कर रहे हैं। करीब 30 एकड़ में वह खेती कर रहे हैं। इसके साथ-साथ अपने खेतों में उन्होंने आॅर्गेनिक किचन गार्डन बनाया हुआ है। यहां वे किसी भी प्रकार के रसायन का प्रयोग नहीं करते। उन्होंने अपने इस किचन गार्डन में 8 किलोग्राम की शलगम तैयार की है, जिसका पत्तों के साथ 15 किलोग्राम वजन है। अश्वनी कुमार शर्मा ने बताया कि आॅर्गेनिक खेती का ही कमाल है जो इतनी बड़ी शलगम उनके खेत में तैयार हुई है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अक्टूबर महीने में शलगम की बुआई की थी। इसमें पानी की लागत भी बहुत कम होती है। 

शलगम का वजन देख हर कोई रह गया दंग 

किसान अश्वनी कुमार शर्मा के भाई राजीव शर्मा ने बताया कि उन्होने इस शलगम को अपने खेत से 9 फरवरी को उखाड़ा था। उस समय इसके पत्तों के साथ वजन 15 किलोग्राम था। पत्ते काटकर इसका वजन 8 किलोग्राम रह गया। हर कोई इसको देखकर हैरान है, वह खुद भी इसको देखकर हैरान थे जब रिश्तेदारों को इसकी बात पता चली तो उन्होंने कुरुक्षेत्र शहर में इसको देखने के लिए अपने घर पर मंगवाया और वहीं पर कुछ दिन रखा। उनके रिश्तेदारों के घर पर शहर में भी बहुत लोग उसको देखने के लिए आए थे। हालांकि करीब 10 दिन पहले इसको उखाड के बाद अब इसका एक किलोग्राम वजन कम हो गया है। 

किचन गार्डन में करते हैं अच्छी सब्जी तैयार 

किसान ने बताया कि वह अपने किचन गार्डन में हर मौसम की सब्जी लगाते हैं जो शुद्ध आॅर्गेनिक होती हैं। वह मौसम के अनुसार अलग-अलग सब्जी लगाते हैं। उन्होने इस किचन गार्डन में पहले भी करीब चार किलोग्राम का चुकंदर, 6 किलोग्राम की मूली, 3 किलोग्राम से ऊपर पत्ता गोभी और फूलगोभी भी अपने इस किचन गार्डन से ली हुई है। लेकिन अब इस शलगम ने उनको और भी ज्यादा मशहूर कर दिया है। क्योंकि आज तक कितनी बड़ी शलगम ना ही उन्होंने कभी देखी और ना ही सुनी है। उन्होंने कहा कि वह अपने खाने के लिए इस किचन गार्डन में गन्ना, हरी सब्जियां, प्याज, फल फू्रट सभी लगाए हुए हैं। उन्होंने अपने खेत में असम राज्य की एक वैरायटी का नींबू का पौधा भी लगाया हुआ है जिसकी ग्रोथ भी काफी अच्छी है और वह अभी बंपर पैदावार दे रहा है।

25 सालों से कर रहे आर्गेनिक फार्मिंग 

किसान भाईयों ने बताया कि बीमारियों से बचने के लिए वह खुद के खाने के लिए आॅर्गेनिक किचन गार्डनिंग कर रहे हैं। हालांकि बड़े स्तर पर आॅर्गेनिक खेती करना चाहते हैं लेकिन मार्केटिंग की समस्या की वजह से वह बड़े स्तर पर इसको नहीं कर पाते। इसलिए वह अपने खाने के लिए आॅर्गेनिक किचन गार्डन चला रहे हैं। 

उनको 25 साल हो गए इस किचन गार्डन में उन्होंने आज तक कभी रसायन नहीं डाला। वह इसमें गोबर की खाद का प्रयोग करते हैं और अब उनकी पैदावार और उत्पादन भी और रसायन खेती से काफी अच्छा मिलता है। हालांकि शुरूआती कुछ सालों में उत्पादन कुछ काम रहता है लेकिन अब वह इससे अच्छा उत्पादन ले रहे हैं। किसानों ने बताया कि वह पहली बार 1995 में आॅर्गेनिक खेती की ट्रेनिंग लेने के लिए सरकारी कृषि संस्थान में गए थ। तब से ही वह इस खेती को करते आ रहे हैं। उसके लिए उनको कई बार सरकारी कार्यक्रमों में सम्मानित किया जा चुका है।

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