सीआरपीएफ जवानों के बच्चों के लिए खुशखबरी: चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में 1000 सीटें

सीआरपीएफ और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के बीच हुए समझौता ज्ञापन up to date


 चंडीगढ़। सीआरपीएफ CRPF (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) के जवानों और उनके परिवारों के लिए एक बड़ी और सराहनीय पहल के तहत चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने सीआरपीएफ के जवानों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा में लगभग 1000 सीटों का प्रावधान किया है। इसके लिए सीआरपीएफ और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) का नवीनीकरण किया गया। यह एमओयू एक वर्ष पूर्व कमांडेंट 5 सिग्नल बटालियन, सीआरपीएफ के प्रयासों से क्षेत्रीय कावा कल्याण समिति, सीआरपीएफ कैंपस, हल्लोमाजरा की ओर से हस्ताक्षरित किया गया था। अब इस समझौते को आगे भी जारी रखने के उद्देश्य से कमांडेंट-5 सिग्नल बटालियन, सीआरपीएफ और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों के बीच नवीनतम एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।  up to date

एमओयू पर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की ओर से सतबीर सिंह सहगल, रजिस्ट्रार तथा दीपक पुरी, एडमिशन एरिया मैनेजर उपस्थित रहे। इस समझौते के अंतर्गत सीआरपीएफ के शहीद कार्मिकों, दिव्यांग कार्मिकों, गैलेंट्री मेडल प्राप्त कार्मिकों, सेवारत तथा सेवानिवृत्त हो चुके कार्मिकों के बच्चों को उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा में विशेष लाभ मिलेगा। समझौता ज्ञापन के अनुसार इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, लॉ, लिबरल आर्ट्स एंड ूमैनिटीज, साइंसेज एंड हेल्थ साइंस, टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी सहित विभिन्न शैक्षणिक धाराओं में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में लगभग 1 हजार सीटें आरक्षित की गई हैं। up to date

सैनिकों के बच्चों को मिलेगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

इन सीटों पर दाखिले के दौरान विद्यार्थियों को 50 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक की छात्रवृत्ति एवं शुल्क में रियायत प्रदान की जाएगी। सीआरपीएफ अधिकारियों ने इस पहल को जवानों और उनके परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उनका कहना है कि देश की सेवा में तैनात जवानों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर मिलना बेहद जरूरी है। वहीं, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने भविष्य में भी सीआरपीएफ के साथ इस तरह के सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है। यह एमओयू न केवल सीआरपीएफ जवानों के बच्चों के शैक्षणिक भविष्य को सुरक्षित करेगा, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगा। up to date

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