मीनाक्षी के महंगे शौक, कोई कुछ भी कहे... मारती थी डायलॉग- दो मिनट में निपटा दूंगी

पूछताछ के दौरान बड़े अधिकारियों व सहकर्मियों के साथ संबंध भी कबूले


कांस्टेबल मीनाक्षी की फाईल फोटो


पीलीभीत/जालौन। दरोगा अरुण राय की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद जेल भेजी गई महिला कांस्टेबल मीनाक्षी शर्मा की जांच में चौंकाने वाले खुलासे जारी हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच टीम को उसके मोबाइल रिकॉर्ड से पता चला है कि तीन दिनों में 109 बार कॉल और वीडियो कॉल की गई हैं, जिनमें अधिकांश वीडियो कॉल शामिल हैं। ये कॉल किससे हुईं और इनका संबंध मामले से कितना जुड़ता है, इसे लेकर पुलिस विस्तृत विश्लेषण कर रही है। uttar pardesh police जांच में जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक, मीनाक्षी शर्मा ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि उसका संपर्क कई पुलिसकर्मियों से रहा है। सूत्र बताते हैं कि पूछताछ में उसने करीब 9 थाना प्रभारियों और दो अधिकारियों से निजी संबंध होने का दावा किया। इनमें एक-दो नाम ऐसे भी बताए गए हैं जो पूर्व में राजपत्रित अधिकारी रहे हैं। हालांकि पुलिस ने अभी तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और माना जा रहा है कि सभी पहलुओं की स्वतंत्र जांच की जाएगी। up to date


कांस्टेबल को गिरफ्तार करके ले जाती पुलिस up to date



पुलिसकर्मियों से ने महिला कांस्टेबल को गिफ्ट किए थे महंगे फोन व आभूषण

पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि पिछले कुछ वर्षों में कई पुलिसकर्मियों द्वारा उसे मोबाइल फोन, सोना और अन्य महंगी वस्तुएं गिफ्ट किए जाने की जानकारी मिली है। जांच टीम अब इन सभी उपहारों की प्रकृति, स्रोत और समयावधि से जुड़े तथ्यों की पुष्टि कर रही है। पुलिस के अनुसार मीनाक्षी शर्मा ने प्रशिक्षण अवधि से लेकर पीलीभीत और बाद में जालौन तैनाती तक पिछले पांच वर्षों में लगभग 11 सिम कार्ड बदलने की बात भी स्वीकार की। यह पहलू जांच में विशेष महत्व रखता है क्योंकि कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन और संपर्कों के आधार पर ही मामले की कड़ियाँ जुड़ाई जा रही हैं। जांच में लगे अधिकारी बताते हैं कि बार-बार सिम बदलने का कारण क्या था, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या यह किसी बड़े नेटवर्क, दबाव, निजी रिश्तों या अन्य कारणों से किया गया था।


मृतक दरोगा अरुण राय व महिला कांस्टेबल मीनाक्षी की फाईल फोटो up to date


लाली हम तुझे छुड़वा लेंगे....

दूसरी ओर, अदालत में पेशी के दौरान मीनाक्षी शर्मा के पिता का एक बयान सामने आया जिसमें वे कहते दिखाई दिए कि लाली, तुम परेशान मत होना, तुम्हें जल्द छुड़ा लेंगे। यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ अधिकारियों ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि मीनाक्षी के पिता के पास इतनी क्षमता या प्रभाव है, तो उनकी संपत्ति, आय के स्रोत और संभावित कनेक्शन की भी जांच आवश्यक है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि कहीं कोई बड़ा नेटवर्क या संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है। हालांकि अभी तक पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है कि मीनाक्षी शर्मा के पिता या परिवार पर किसी प्रकार की जांच शुरू की गई है या नहीं। लेकिन मामले की गंभीरता और उठाए गए सवालों को देखते हुए यह संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में जांच का दायरा और विस्तृत हो सकता है। up to date

कई वरिष्ठ अधिकारी कर रहे जांच

दरोगा अरुण राय की मौत के बाद से यह मामला उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। कई वरिष्ठ अधिकारी स्वयं जांच की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन्हें कानूनी रूप से सत्यापित किया जाएगा और किसी भी आरोपी को कानून के दायरे में लाया जाएगा। up to date


कोंच कोतवाली थाना में तैनाती के दौरान कई बार हो चुकी थी कहासुनी

सूत्रों के अनुसार कांस्टेबल मीनाक्षी शर्मा कोंच कोतवाली में तैनाती के दौरान अरुण कुमार(थाना प्रभारी) कांस्टेबल की कार्यशैली को लेकर नाराज रहते थे। बताया जा रहा है  कि कांस्टेबल ड्यूटी के दौरान कई मर्तबा थाना प्रभारी ने असंतोष जताते हुए मिनाक्षी को हटवाने के लिए रिपोर्ट तक भेज दी थी।  सूत्रों की मानें तो इसी तनाव के बीच मीनाक्षी ने अरुण राय के निजी आवास पर अधिक समय बिताना शुरु कर दिया और वह थाना प्रभारी की खास बन गई।  अब सप्ताहभर से वह कुठौंद स्थित आवास पर ही रह रही थी, जबकि कांस्टेबल की तैनाती कोंच में थी।  up to date

निलंबन की हुई कार्रवाई

हत्यारोपी कांस्टेबल मीनाक्षी शर्मा को रविवार को पुलिस ने 14 दिन के लिए जेल भेजा है। इसके बाद कांस्टेबल की निलंबन कार्रवाई भी की गई है। पुलिस पूरे मामले को गहनता से जांच कर रही है। जांच में अन्य लोगों की भूमिका को भी नकारा नहीं जा सकता। इसके बाद उसके निलंबन की कार्रवाई 

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