पुलिस ने लाठीचार्ज कर खदेड़ा विधायक अभिमन्यू पूनिया व कई किसान घायल
टिब्बी में हुई महापंचायत, प्रशासन वार्ता के लिए नहीं पहुंचने से उग्र हुए धरनारत लोग
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| ऐथेनाल फैक्ट्री में तोड़फोड़ करती उग्र हुई भीड़ up to date |
हनुमानगढ़। Hanumangarh/Tibbi Rajasthan के Hanumangarh में बवाल टिब्बी तहसील की ग्राम पंचायत राठीखेड़ा के चक पांच जेआरके में लगने वाले एथेनॉल प्लांट के खिलाफ जारी ग्रामीणों के आंदोलन ने बुधवार को उग्र रूप धारण कर लिया। बुधवार को टिब्बी कस्बे में एसडीएम कार्यालय के पास महापंचायत हुई। महापंचायत स्थल पर हुई सभा के बाद शाम को आंदोलनकारियों ने प्रशासन को वार्ता के लिए समय दिया। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के नहीं पहुंचने से नाराज आंदोलनकारियों ने एथेनॉल प्लांट की तरफ कूच दिया। भीड़ ने पुलिस की ओर से लगाए गए बैरिकेड्स तोड़ते हुए फैक्ट्री में घुसकर तोड़फोड़ कर दी। up tp date
भीड़ ने बाइक व एक-दो गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया
बताया जा रहा है कि भीड़ में से किसी ने बाइक व एक-दो गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर आंदोलनकारियों को खदेड़ा। लाठीचार्ज में सिर में चोट लगने से संगरिया विधायक अभिमन्यु पूनिया घायल हो गए। उन्हें टिब्बी के अस्पताल ले जाया गया। वहां से हनुमानगढ़ रेफर कर दिया। उधर, मामला गर्माने की सूचना मिलने पर जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव और पुलिस अधीक्षक हरी शंकर टिब्बी पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इससे पहले टिब्बी में एसडीएम कार्यालय के पास महापंचायत हुई। MLA ने दी गिरफ्तारी
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| धरना स्थल पर पहुंची लोगों की भीड़ up to date |
महापंचायत में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल हुए
इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल हुए। कांग्रेस नेत्री शबनम गोदारा के नेतृत्व में भी बड़ी संख्या में महिलाएं सभा में पहुंची।
सभा स्थल पर संगरिया विधायक अभिमन्यु पूनिया, भादरा के पूर्व विधायक बलवान पूनिया, मंगेज चौधरी, प्रो. ओम जांगू सहित फैक्ट्री हटाओ संघर्ष समिति के सदस्यों और अन्य किसान नेताओं ने संबोधित किया। महापंचायत के मद्देनजर कस्बे के बाजार बंद रहे और ऐहतियात के तौर पर मंगलवार रात्रि से इंटरनेट सेवाएं भी बंद रहीं। विधायक अभिमन्यु पूनिया ने कहा कि सरकार ने पिछले एक साल से टिब्बी क्षेत्र में अराजकता का माहौल पैदा कर रखा है। मुख्यमंत्री श्रीगंगानगर दौरे पर आए लेकिन उन्होंने संघर्ष समिति के साथ इस मुद्दे को लेकर मुलाकात नहीं की।
पूंजीपति व कम्पनी के पक्ष में सरेंडर हो चुकी जिले की पुलिस : पूनिया
पूर्व विधायक बलवान पूनिया ने कहा कि सरकार की ओर से किसानों की सहमति के बगैर आबादी के नजदीक जबरदस्ती एथेनॉल प्लांट लगाने का फैसला किया गया है। फैक्ट्री से निकलने वाला केमिकल युक्त होने से आने वाले समय में कैंसर पैदा होगा। up tp date
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| उग्र हुई भीड़ के द्वारा पानी की नाली में पलटी गई पुलिस की गाड़ी up to date |
लिस पूंजीपति व कम्पनी के पक्ष में सरेंडर हो चुकी: ग्रामीण
उन्होंने कहा कि जिले की पुलिस पूंजीपति व कम्पनी के पक्ष में सरेंडर हो चुकी है। जगह-जगह पुलिस का भारी जाप्ता लगाया गया है। जब जिले में जुर्म होता है तब पुलिस इतनी गंभीर नहीं होती। यूं लगता है कि सरकार और जिले का प्रशासन पूर्ण रूप से एथेनॉल फैक्ट्री लगाने वाले मालिक के इशारे पर काम कर रहा है। किसान नेता रवि जोसन ने कहा कि एथेनॉल प्लांट हटाने की इस लड़ाई में हर ग्रामीण शामिल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे इस प्लांट को यहां नहीं लगने देंगे, चाहे कुछ भी हो जाए। जोसन ने फैक्ट्री को जहरीली बताते हुए कहा कि इलाके की हवा, पानी और जमीन को प्रदूषित नहीं होने दिया जाएगा।
कस्बे में आने-जाने वाले रास्तों पर पुलिस बल तैनात
महापंचायत को लेकर प्रशासन अलर्ट पर रहा। कस्बे में भारी पुलिस जाप्ता तैनात रहा। करीब 500 पुलिसकर्मियों सहित पुलिस प्रशासन के अधिकारी तैनात रहे। up tp date
करीब आधा दर्जन थानों के प्रभारी तैनात
मौके पर करीब आधा दर्जन थानों के प्रभारी तैनात किए गए और हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी गई। प्रशासन की ओर से अधिकारियों और कर्मचारियों को महापंचायत के प्रबंधन के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई है। घग्घर नदी पुल पर सुबह से ही ट्रैक्टरों की आवाजाही को बैरीकेड्स लगाकर बंद कर दिया गया। घग्घर पुल पर सीमेंट के भारी बैरिकेड्स लगाकर बड़े वाहनों की आवाजाही पर भी रोक लगाई गई। सुरक्षा के मद्देनजर टिब्बी के लगभग सभी निजी स्कूल भी बंद रहे। up tp date
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| विरोधस्वरूप बाजार में बंद की गई दुकानें व पुलिस द्वारा बेरिगेटिंग की गई फोटो up tp date |
पन्द्रह माह से जारी है किसानों का आंदोलन
गौरतलब है कि एथेनॉल प्लांट के खिलाफ संघर्ष समिति का आंदोलन पिछले 15 महीनों से लगातार जारी है। लगभग 450 करोड़ रुपए की लागत से इस एथेनॉल प्लांट का निर्माण प्रस्तावित है। ग्रामीण फैक्ट्री लगने से प्रदूषण फैलने की बात कह इसका विरोध कर रहे हैं जबकि प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन प्रदूषण फैलने के आरोपों को नकार रहे हैं। प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से प्लांट लगने से रोजगार बढ़ने का दावा किया जा रहा है। up tp date




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