रसलाना वितरिका नहर का जीर्णोद्धार रूका, नहीं मिल पाई विभाग की स्वीकृति

मुख्यमंत्री बजट घोषणा नहीं उतर पा रही धरातल पर, वन विभाग की नहीं मिल रही स्वीकृति 


वन विभाग की स्वीकृति के बिना रूका पड़ा नहर जीर्णोद्धार का काम up to date


नोहर जायका प्रोजेक्ट एवं मुख्यमंत्री बजट बोषणा के अंतर्गत सिद्धमुख सिंचाई प्रणाली, नोहर की नहरों, वितरिकाओं एवं माइनरों के सुदृढीकरण के दौरान पटड़ोें से पेड़-पौधों को हटाने का कार्य हो रहा है। रसलाना वितरिका नहर का जायका परियोजना के अंतर्गत जीर्णोद्धार कार्य हेतु जल संसाधन खण्ड, नोहर द्वारा कार्य आदेश जारी हो चुके हैैं। परन्तु 40 किमी. से 54 किमी. तक के पटड़ो से पेड़ों के हटाए जाने की वन विभाग द्वारा स्वीकृति नहीं दी जा रही है जिससे जीर्णोद्घार कार्य किया जाना संभव नहीं हो रहा है। रसलाना वितरिका नहर व माइनरों के टेल के किसानों को पानी मिलने की उम्मीदों के बीच में वन विभाग बाधा बन गया है। जहां एक तरफ राज्य सरकार दो वर्ष पूरे होने पर किसान हितैषी होने का दावा करते हुये उत्सव मनाने व जन सुनवाई कर सुशासन देने के कार्यक्रम आयोजित कर रही है। up to date


इसी क्रम में सोमवार को ही जिला क्लेक्टर ने बैठक कर जिले के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये हैैं। वहीं दूसरी तरफ वन विभाग मुख्यमंत्री बजट घोषणा के उस महत्वपूर्ण कार्य को जो आंदोलनरत किसानों की मांग को पूरा करते हुये दर्जनों गांवों की प्यास बुझायेगा और हजारों हैक्टेयर भूमि को सिंचित करेगा उसमें रोड़े अटका रहा है। जिससे प्रभावित गांवों के किसानों एवं किसान संगठनों के पदाधिकारियों में भारी रोष है। विदित रहे कि टेल के किसान नहरों व वितरिकाओं एवं माइनरों के जीर्णोद्धार और पटड़ों के सुदृढीकरण सहित टेल पर पानी पहुं‌चाने की मांग को लेकर करीब दो दशकों से आंदोलनरत है।up to date


नहर सुधारीकरण कार्य में लगे कारीगर व अन्य। up to date


 किसानों द्वारा की गई है लिखित में मांग 

जिला कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर से स्वीकृति दिलवाने हेतु किसानों द्वारा लिखित में मांग की गई है। अगर दो दिन में स्वीकृति न मिली तो जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से मिलकर पुन: पुरजोर मांग करेंगे। up to date

-विनोद जांगिड़ सूरपुरा (निवर्तमान लोकपाल)

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