आरपीएससी सहायक आचार्य (यजुर्वेद) भर्ती 2024 का चौंकाने वाला परिणाम:
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| फाईल फोटो up to date |
अजमेर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से संस्कृत शिक्षा विभाग के अंतर्गत आयोजित सहायक आचार्य (यजुर्वेद) भर्ती परीक्षा–2024 को लेकर एक हैरान करने वाला और अभ्यर्थियों के लिए निराशाजनक फैसला सामने आया है। आयोग ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि इस प्रतियोगी परीक्षा में न्यूनतम उत्तीर्णांक प्राप्त करने वाला एक भी अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं है, जिसके चलते पूरी भर्ती प्रक्रिया को परिणाम विहीन (शून्य परिणाम) घोषित कर दिया गया है। यह भर्ती राजस्थान संस्कृत शिक्षा (महाविद्यालय शाखा) सेवा नियम, 2022 के तहत आयोजित की गई थी। आयोग के अनुसार, सहायक आचार्य–यजुर्वेद पद के लिए प्रश्न पत्र प्रथम और द्वितीयकी परीक्षा 19 सितंबर 2024को तथा प्रश्न पत्र तृतीय की परीक्षा 08 सितंबर 2024 को संपन्न हुई थी। सभी प्रश्न पत्र वस्तुनिष्ठ प्रकार (Objective Type) के थे। up to date
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| वायरल हो रहा आरपीएससी RPSC का लेटर |
हाईकोर्ट के आदेश के बाद जारी हुआ परिणाम
आरपीएससी ने स्पष्ट किया कि यह परिणाम माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर द्वारा डी.बी. सिविल रिट याचिका संख्या 4637/2025 में पारित अंतरिम आदेश दिनांक 03 जुलाई 2025 की पालना में घोषित किया गया है। साथ ही, विस्तृत विज्ञापन दिनांक 12 जनवरी 2024 में उल्लिखित सेवा नियमों और शर्तों के अनुसार परीक्षा परिणाम का मूल्यांकन किया गया। मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह तथ्य सामने आया कि परीक्षा में शामिल किसी भी अभ्यर्थी ने आयोग द्वारा निर्धारित न्यूनतम अर्हता अंक (Minimum Qualifying Marks) हासिल नहीं किए। ऐसे में आयोग के पास किसी भी अभ्यर्थी को चयनित घोषित करने का कोई आधार नहीं बचा।
एक अभ्यर्थी को किया गया अयोग्य घोषित
आयोग द्वारा जारी सूचना में यह भी बताया गया है कि रोल नंबर 2059107 वाले एक अभ्यर्थी को परीक्षा के लिए अयोग्य घोषित किया गया है। दरअसल, विस्तृत विज्ञापन में ओ.एम.आर. शीट भरने को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। नियम के अनुसार, यदि कोई अभ्यर्थी 10 प्रतिशत से अधिक प्रश्नों में पांचों विकल्पों में से कोई भी विकल्प अंकित नहीं करता, तो उसे अयोग्य माना जाएगा। उक्त अभ्यर्थी ने इस नियम का उल्लंघन किया, जिसके चलते उसे परीक्षा से बाहर कर दिया गया। up to date
अभ्यर्थियों में गहरी नाराजगी और निराशा
पूरे राज्य से इस परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों के लिए यह फैसला किसी बड़े झटके से कम नहीं है। लंबे समय से संस्कृत शिक्षा विभाग में सहायक आचार्य पदों पर भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे उम्मीदवारों को उम्मीद थी कि इस बार नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होगी, लेकिन शून्य परिणाम ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। up to date शिक्षाविदों और प्रतियोगी परीक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि विषय की गहनता, वस्तुनिष्ठ प्रश्न प्रणाली और सख्त मूल्यांकन प्रक्रिया इसकी एक बड़ी वजह हो सकती है। वहीं, कुछ अभ्यर्थी परीक्षा पैटर्न और मूल्यांकन मानदंडों पर भी सवाल उठा रहे हैं। up to date
आगे क्या होगा?
फिलहाल राजस्थान लोक सेवा आयोग या राज्य सरकार की ओर से इस बात पर कोई संकेत नहीं दिया गया है कि सहायक आचार्य (यजुर्वेद) के रिक्त पदों को भरने के लिए पुनः परीक्षा कराई जाएगी या नई भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। ऐसे में अभ्यर्थियों की निगाहें अब सरकार और आयोग के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं। यह आदेश राजस्थान लोक सेवा आयोग के सचिव रामनिवास मेहता द्वारा जारी किया गया है। भर्ती से जुड़ी हर नई अपडेट के लिए उम्मीदवारों को आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है। up to date


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