Sucess Story : खेतों से खाकी तक का सफर: कविता ने राजस्थान पुलिस में चयन पाकर पूरे गांव का नाम रोशन किया

पिता किसान, मां मजदूर: फिर भी बेटी कविता ने पहन ली खाकी वर्दी

राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल बनी कविता की फोटो व चयनित सूची में आया नाम  up to date


....कहते हैं कि अगर सपने सच्चे मन से देखे जाएं और उन्हें पूरा करने के लिए ईमानदारी से मेहनत की जाए, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। इस कहावत को सच कर दिखाया है टिब्बी तहसील क्षेत्र के गांव डबली खुर्द की बेटी कविता सारसर ने, जिन्होंने बेहद कम उम्र में राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती-2025 में चयन हासिल कर लिया है। कविता के चयन की खबर मिलते ही न केवल उनके परिवार में, बल्कि पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल बन गया। ग्रामीण परिवेश से निकलकर इतनी बड़ी सफलता हासिल करना आज कई युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती को आसान नहीं माना जाता। इसमें शारीरिक दक्षता परीक्षा, लिखित परीक्षा, मेडिकल जांच और अनुशासन से जुड़ी कई कठिन प्रक्रियाएं शामिल होती हैं। कविता सारसर ने यह साबित कर दिया कि अगर इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते। भर्ती का अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद कविता का नाम चयनित सूची में शामिल हुआ। अब वे जनवरी माह में ब्यावर जिले में पुलिस ट्रेनिंग के लिए रवाना होंगी, जहां उन्हें कठिन और अनुशासित प्रशिक्षण से गुजरना होगा। up to date

 सरकारी स्कूल से शुरूआत, मेहनत से पहचान

कविता सारसर ने वर्ष 2020 में गांव डबली खुर्द के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की। उन्होंने अपनी अधिकांश शिक्षा सरकारी स्कूल से ही प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने स्वर्गीय श्री गुरुशरण छाबड़ा राजकीय महाविद्यालय, सूरतगढ़ से बीए की डिग्री हासिल की। कविता ने बताया कि कॉलेज की पढ़ाई के साथ-साथ ही उन्होंने राजस्थान पुलिस भर्ती की तैयारी शुरू कर दी थी। नियमित पढ़ाई के साथ वे शारीरिक अभ्यास भी लगातार करती रहीं, ताकि पुलिस सेवा में जाने का सपना साकार हो सके। up to date

साधारण परिवार, असाधारण हौसला

कविता के पिता पप्पूराम सारसर पेशे से किसान हैं, जबकि माता सुखी देवी नरेगा में दिहाड़ी-मजदूरी करती हैं। परिवार की आय सीमित होने के बावजूद माता-पिता ने कभी बेटी के सपनों को कमजोर नहीं पड़ने दिया। परिवार के सहयोग और कविता की कड़ी मेहनत ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती।




बेटियों के लिए मिसाल बनी कविता

बेटी की सफलता पर पिता पप्पूराम सारसर ने कहा कि यह सिर्फ उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि अगर बेटियों को शिक्षा और अवसर मिले, तो वे भी किसी भी मुकाम को हासिल कर सकती हैं। उन्होंने बताया कि किसान परिवार होने के कारण संसाधन सीमित थे, लेकिन कविता ने कभी हार नहीं मानी। आज उसकी सफलता उन सभी ग्रामीण बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों में भी बड़े सपने देखती हैं। up to date

परिवार की पहली बेटी बनी पुलिस कांस्टेबल

कविता सारसर अपने परिवार की पहली बेटी हैं, जिनका चयन राजस्थान पुलिस में हुआ है। जैसे ही चयन की खबर गांव पहुंची, डबली खुर्द में बधाइयों का दौर शुरू हो गया। गांव के लोग मिठाइयां बांटते नजर आए और कविता के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। गांव के बुजुर्गों और युवाओं का कहना है कि कविता की सफलता से अब गांव की अन्य लड़कियां भी पुलिस और सरकारी सेवाओं में जाने का सपना देखने लगी हैं। up to date

गुरु से मिली प्रेरणा

कविता ने बताया कि स्कूल के समय उन्हें पुलिस भर्ती की ज्यादा जानकारी नहीं थी। लेकिन उनके अध्यापक मोटाराम ने उन्हें पुलिस सेवा के बारे में बताया और प्रेरित किया। उसी प्रेरणा के कारण उन्होंने लक्ष्य तय किया और लगातार मेहनत की। कविता ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और नियमित अभ्यास को दिया। उन्होंने कहा कि आने वाली ट्रेनिंग कठिन होगी, लेकिन वे पूरी लगन और मेहनत से उसे पूरा करेंगी।

गांव से देश सेवा तक का सफर

कविता सारसर की सफलता केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह पूरे ग्रामीण क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक कहानी बन गई है। उन्होंने यह संदेश दिया है कि गांव, खेत और साधारण परिवार से निकलकर भी देश की सेवा की जा सकती है। टिब्बी तहसील क्षेत्र के लिए कविता का चयन गर्व का विषय है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे युवा ही देश का उज्ज्वल भविष्य हैं। up to date

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