इस भव्य आयोजन में सेना की गौरवशाली परंपराओं, अदम्य साहस और अत्याधुनिक स्वदेशी सैन्य क्षमताओं का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। up to date
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शीर्ष सैन्य व नागरिक नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति
सेना दिवस परेड में अनेक विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी, राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ किसनराव बागडे, मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, मिजोरम के राज्यपाल जनरल (सेवानिवृत्त) वी.के. सिंह, सप्तशक्ति कमान के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।up to date
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थल सेनाध्यक्ष ने ली परेड की सलामी
थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सेना दिवस परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। परेड का नेतृत्व दक्षिण पश्चिम कमान के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल हरविंदर सिंह ने किया। इस वर्ष सेना दिवस की थीम “भारतीय सेना – शौर्य और बलिदान” रखी गई।
स्वदेशी हथियारों और आधुनिक तकनीक ने खींचा ध्यान
सेना दिवस परेड में भारतीय सेना की स्वदेशी सैन्य शक्ति और आधुनिक आयुधों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया। परेड में शामिल प्रमुख हथियार और तकनीकें इस प्रकार रहीं—
- ब्रह्मोस मिसाइल
- भीष्म और अर्जुन टैंक
- के-9 वज्र तोप
- बीएमपी युद्ध वाहन
- 155 एमएम अमोघ तोप
- नामिस (नाग मिसाइल सिस्टम)
- पिनाका रॉकेट लॉन्चर सिस्टम
- शिल्का हथियार प्रणाली
- ड्रोन शक्ति और ड्रोन जैमर तकनीक
- इलेक्ट्रिक ऑल-टेरेन व्हीकल
इन उन्नत हथियार प्रणालियों ने भारतीय सेना की आत्मनिर्भरता और तकनीकी मजबूती को दर्शाया।
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7 रेजीमेंट की टुकड़ियों का शानदार मार्च पास्ट
नवगठित भैरव बटालियन सहित भारतीय सेना की 7 रेजीमेंटों की टुकड़ियों ने अनुशासित मार्च पास्ट कर दर्शकों को गौरवान्वित किया। परेड में परमवीर चक्र, अशोक चक्र, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र और वीर चक्र विजेता विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए।up to date
5 शूरवीरों को मरणोपरांत सेना मेडल
सेना दिवस परेड से पूर्व ऑपरेशन ‘सिंदूर’ और अन्य अभियानों में अदम्य साहस दिखाने वाले पांच वीर सैनिकों को मरणोपरांत सेना मेडल (गैलेंट्री) से सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वाले शूरवीर—up to date
- सूबेदार मेजर पवन कुमार
- हवलदार सुनील कुमार सिंह
- लांस नायक दिनेश कुमार
- लांस नायक सुभाष कुमार
- लांस नायक प्रदीप कुमार
हवाई करतब और लड़ाकू विमानों की गर्जना
तीन चेतक हेलीकॉप्टरों ने तिरंगा और संयुक्त सेनाध्वज के साथ पुष्प वर्षा की। इसके साथ ही अपाचे सहित अन्य हेलीकॉप्टरों ने विभिन्न फॉर्मेशन में उड़ान भरकर परेड को और भव्य बनाया।
सेना सेवा कोर के टोरेनैडो बाइक स्टंट, पैराट्रूपर्स के हवाई करतब और परेड के समापन पर नाल एयरबेस से आए तीन जगुआर लड़ाकू विमानों की गर्जना ने उपस्थित जनसमूह को रोमांचित कर दिया। up to date
राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बना सेना दिवस
78वां सेना दिवस न केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन था, बल्कि यह देश की एकता, आत्मनिर्भरता और बलिदान की भावना का जीवंत उदाहरण भी बना। जयपुर में आयोजित यह ऐतिहासिक परेड भारतीय सेना की शक्ति, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण को दर्शाने वाला अविस्मरणीय आयोजन रहा।up to date




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