हरियाणा में लिंगानुपात में सुधार, पंचकूला अव्वल तो रेवाड़ी सबसे पीछे
![]() |
| हरियाणा में लिंगानुपात में लगातार सुधार up to date |
हरियाणा में जन्म के समय लिंगानुपात में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। वर्ष 2025 के सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य के कई जिलों ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। हालांकि, कुछ जिले अभी भी इस मामले में पिछड़े हुए हैं। लिंगानुपात के मामले में पंचकुला जिला प्रदेशभर में पहले स्थान पर रहा है। यहां प्रति 1000 लड़कों पर 971 लड़कियों का जन्म दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 56 अंकों का बड़ा सुधार है। इसके बाद फतेहाबाद दूसरे स्थान पर रहा, जहां 36 अंकों की बढ़ोतरी के साथ लिंगानुपात 961 तक पहुंच गया। पानीपत ने भी 51 अंकों की उल्लेखनीय छलांग लगाते हुए 951 का आंकड़ा हासिल किया।
रेवाड़ी फिसड्डी, सोनीपत और रोहतक भी पीछे
दूसरी ओर रेवाड़ी जिले का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। यहां लिंगानुपात में केवल 9 अंकों का सुधार हुआ, लेकिन इसके बावजूद 882 के साथ रेवाड़ी प्रदेश में सबसे निचले स्थान पर रहा। सोनीपत में लिंगानुपात 894 दर्ज किया गया, जहां 7 अंकों की गिरावट देखी गई। रोहतक ने भले ही 10 अंकों का सुधार किया, लेकिन 898 के साथ वह भी नीचे से तीसरे स्थान पर रहा।
चरखी दादरी में सबसे अधिक सुधार
चरखी दादरी जिले ने सबसे अधिक 44 अंकों का सुधार दर्ज करते हुए लिंगानुपात 913 तक पहुंचाया।
इसके अलावा—
- जींद: 918
- फरीदाबाद: 916
- झज्जर: 915
- पलवल: 912
- महेंद्रगढ़: 905
- गुरुग्राम: 901
इन जिलों में भी लिंगानुपात में सकारात्मक सुधार दर्ज किया गया है।
राज्य का औसत लिंगानुपात 923
राज्य स्तर पर बात करें तो वर्ष 2025 में हरियाणा का औसत लिंगानुपात 923 तक पहुंच गया है, जो वर्ष 2024 की तुलना में 13 अंक अधिक है। खास बात यह है कि नौ वर्षों बाद राज्य एक बार फिर 923 के स्तर तक पहुंचा है। इससे पहले यह आंकड़ा वर्ष 2019 में दर्ज किया गया था।
जन्म आंकड़े क्या कहते हैं
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में हरियाणा में कुल 5 लाख 19 हजार 691 बच्चों का जन्म हुआ। इनमें—
- 2 लाख 70 हजार 281 लड़के
- 2 लाख 49 हजार 410 लड़कियां शामिल हैं।
सख्ती और जागरूकता का दिखा असर
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना से जुड़े सलाहकार जी. एल. सिंघल ने बताया कि लिंगानुपात में यह सुधार अवैध गर्भपात, एमटीपी किट की गैरकानूनी बिक्री और भ्रूण लिंग जांच पर की गई सख्त कार्रवाई का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य लिंगानुपात को 950 तक ले जाना है और इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार निगरानी और सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
हरियाणा में लिंगानुपात में सुधार, पंचकूला अव्वल रेवाड़ी सबसे पीछे, हरियाणा में 2025 के सरकारी आंकड़ों के अनुसार लिंगानुपात में बड़ा सुधार। पंचकूला नंबर-1, जबकि रेवाड़ी सबसे पीछे। पूरी रिपोर्ट पढ़ें। हरियाणा लिंगानुपात 2025 पंचकूला लिंगानुपात, रेवाड़ी लिंगानुपात, Haryana Sex Ratio News, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ हरियाणा, जन्म के समय लिंगानुपात, हरियाणा न्यूज, लिंगानुपात, पंचकूला न्यूज, रेवाड़ी न्यूज, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, सरकारी रिपोर्ट, सामाजिक मुद्दे, Latest Haryana News, हरियाणा में बेटियों की संख्या, लिंगानुपात में बड़ा सुधार, रेवाड़ी सबसे पीछे क्यों, पंचकूला नंबर 1 बना, 2025 हरियाणा रिपोर्ट, पंचकूला नंबर 1 | रेवाड़ी सबसे पीछे लिंगानुपात में बड़ा फर्क!

0 टिप्पणियाँ