म्हारी योजना के तहत दिव्यांगजनों को मिल रही मासिक पेंशन
![]() |
| सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत up to date |
हरियाणा सरकार दिव्यांगजनों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा दिव्यांग पेंशन योजना को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। योजना के तहत 60 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले पात्र व्यक्तियों को 3000 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। जिसके सहारे वे आत्मनिर्भर बनकर सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें। जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्यवान ढिलोड ने जानकारी देते हुए बताया कि यह पेंशन योजना प्रो-एक्टिव प्रणाली के माध्यम से संचालित की जा रही है, जिससे पात्र लाभार्थियों को बिना अनावश्यक देरी के लाभ मिल सके।
योजना के अंतर्गत वही व्यक्ति पात्र माने जाते हैं जिनकी आयु 18 वर्ष से अधिक हो और जिनके पास 60 प्रतिशत या उससे अधिक का मान्य दिव्यांगता प्रमाण पत्र उपलब्ध हो। उन्होंने बताया कि क्रीड विभाग द्वारा दिव्यांगता की पुष्टि किए जाने के बाद लाभार्थियों के नाम सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, चंडीगढ़ के निर्देशानुसार जिला समाज कल्याण अधिकारी को भेजे जाते हैं। स्वीकृति के बाद प्रो-एक्टिव ऐप के माध्यम से पेंशन स्वीकृत कर दी जाती है और राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज
दिव्यांग पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए निम्न दस्तावेज अनिवार्य हैं—
- दिव्यांग पहचान पत्र
- आधार कार्ड
- बैंक खाता विवरण
- राशन कार्ड
- वोटर कार्ड
- जिला समाज कल्याण विभाग के अनुसार, वर्तमान में सरसा जिले में 13,744 दिव्यांगजनों को इस योजना के तहत 3000 रुपये मासिक पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में भी अहम भूमिका निभा रही है।

0 टिप्पणियाँ