Gogamedi Mela : कोहरे पर भारी पड़ी आस्था, गोगामेड़ी में नववर्ष के उपलक्ष्य में उमड़ा आस्था का सैलाब

श्रद्धालुओं ने गोगाजी मंदिर में धोक लगाकर मांगी मन्नतें, चाक चौबंध रही सुरक्षा

राजस्थान के पवित्र स्थल गोगामेड़ी में नववर्ष 2026 के उपलक्ष्य में मेले का आयोजन up to date

गोगामेड़ी। हरियाणा की सीमा से सटे उत्तर भारत के सबसे बड़े व राजस्थान के पवित्र स्थल गोगामेड़ी में गोगाजी मंदिर में त्रयोदशी व नववर्ष 2026 के उपलक्ष्य में मेले का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओंं ने धोक लगाकर मन्नतें मांगी। भयंकर सर्दी के बावजूद देश के अनेक राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और आस्था के साथ गोगाजी की समाधि पर शीश झुकाया। नव वर्ष पर गोगाजी मन्दिर में धोक लगाने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी लाईने लगने लगी। मेले में उत्तर प्रदेश से पीत वस्त्र धारी श्रद्धालुओं की तादाद ज्यादा रही। मेला क्षेत्र में चारों ओर नाचते गाते श्रद्धालुओं के दृÞश्य ही दिख रहे थे। श्रद्धालु तज ठिठूराने वाली सर्दी के बावजूद भी गोगाजी के जयकारों साथ हाथों में गोगाजी के निशान व ध्वजा लेकर मंदिर की और बढ़ रहे थे। उत्तर प्रदेश के साथ-साथ हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, व हिमाचल प्रदेश से लाखों भक्तजन लोक देवता गोगा जी महाराज की समाधि पर धोक लगाकर सजदा करते हैं। नववर्ष पर्व पर होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए हनुमानगढ़ जिला प्रशासन ने सुरक्षा व कानून व्यवस्था के दृष्टिगत कड़े उपाय किए गये। प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस विभाग ने मेला की कमान संभाले हुए रहे। up to date

दिनभर गोगामेड़ी मंदिर में भक्तों की चहल-पहल रही। up to date

भजनों व गुरु गोरखनाथ जी, गोगाजी के नारों से गूंज उठा पूरा क्षेत्र

गोगाजी व गुरू गोरख नाथ के जयकारों से पूरा मेला क्षेत्र गुंजायमान हो गया। दिनभर गोगामेड़ी मंदिर में भक्तों की चहल-पहल रही। साम्प्रदायिक सद्भाव के प्रतीक गोगामेड़ी मेले में गोगाजी मन्दिर में हिन्दू व मुसलमान सहित सभी धर्मों के लाखों की संख्या में श्रद्धालू पूजा अर्चना करते हैं। हिन्दू गोगाजी को लोक देवता के रूप में पूजते हैं तो वहीं मुसलमान पीर के रूप में सजदा करते हैैं। गोगाजी की समाधि उनके मस्जिदनुमा मंदिर में स्थित है। समाधि पर अश्वारोही गोगा जी की मूर्ति उत्कीर्ण है। आज नया साल के दिन कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। लेकिन गोगाजी के प्रति भक्तों की आस्था भयंकर सर्दी पर भारी पड़ रही है। इसके बावजूद ठंडी रेत व सड़को पर पेट के बल कनक दण्डवत कर पहुँच रहे लोगों की श्रद्धा देखते ही बनती है।  up to date

जयकारों से पूरा मेला क्षेत्र गुंजायमान हो गया। up to date

ढ़ोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते गाते गोगामेड़ी पहुंचे श्रद्धालु

ढोल नगाड़ों पर नाचते गाते डमरू व सारंगी की लय पर नाचते-गाते हुए श्रद्धालु गुरु गोरख नाथ की जय, जाहरवीर की जय, गोगापीर की जय, के गगनभेदी जयकारों से वातावरण गुंजायमान कर रहे हैं। दर्शन के लिए गोगाजी मन्दिर के बाहर श्रद्धालूओें की लंबी लाईन लगी रही। गुरु-शिष्य परंपरा के अनुसार गोगामेड़ी आने वाले श्रद्धालु पहले गोगाणा में पवित्र तालाब में स्नान कर गुरु गोरखनाथ जी के धुणे पर शीश नवाते हैं। बाद में दो किलोमीटर चलकर गोगामेड़ी मंदिर में पूजा अर्चना कर मन्नतें मांगते हैं। मंदिर में प्रसाद के रूप में नारियल, खील, मिठाई, नीली ध्वजा, चादरें, इत्र, धूप, पैसे व साने चान्दी के छत्र इत्यादि सामग्री चढ़ाई। गोगाजी की समाधी पर पूजा अर्चना करने के बाद श्रद्धालुओं ने नाहर सिंह, माता बाछल, रानी सिरीयल, भजू कोतवाल, रतना हाजी, सबल सिंह बावरी, केसरमल, जीतकौर, श्याम कौर, भाई मदारण का समाधियों पर धोक लगाई।  up to date

ढोल नगाड़ों पर नाचते गाते हुए श्रद्धालु up to date

मेले में हुई जमकर खरीददारी तो प्रशासन रहा अलर्ट

नववर्ष के अवसर पर गोगामेड़ी मेला परिसर में खिलौना बाजार, मनिहारी बाजार, लाठी, ढोलक बाजार, फोटो बाजार, पुस्तक बाजार, मूर्ति बाजार आदि की दुकानों पर श्रद्धालुओं ने खुलकर खरीद की। हनुमानगढ़ जिला प्रशासन द्वारा उठाई गिरी, जेब तराशी व अन्य असामाजिक गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वर्दीधारी पुलिस बल के साथ सादी वर्दी में पुरूष व महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया। गोगामेड़ी थाना प्रभारी के नेतृत्व में समाज कंटकोें पर कड़ी निगरानी रखी गई। प्रशासन के द्वारा किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए पूरे प्रबंध किये गये थे।  up to date

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