Breaking News : सिरसा-भादरा और रानियां-टिब्बी रेल लाइन की उठी मांग, सांसद ने लिखा रेल मंत्री को पत्र

 सांसद ने केंद्र सरकार से  क्षेत्र के लिए दो नई रेल लाइनों के निर्माण की मांग की है। 

चंडीगढ़। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने क्षेत्र के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार से सिरसा क्षेत्र के लिए दो नई रेल लाइनों के निर्माण की मांग की है। सांसद ने रेल मंत्री को पत्र लिखकर सिरसा-रानियां-टिब्बी तथा सिरसा-भादरा नई रेल लाइन परियोजनाओं के सर्वेक्षण और शीघ्र स्वीकृति का आग्रह किया है। कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के लिए ये दोनों रेल मार्ग अत्यंत आवश्यक हैं। सिरसा-रानियां-टिब्बी रेल लाइन से न केवल क्षेत्रीय संपर्क मजबूत होगा, बल्कि दिल्ली, श्रीगंगानगर और सीमावर्ती इलाकों तक सीधी रेल सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि यह रेल मार्ग किसानों, व्यापारियों और उद्योग जगत के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगा।

 कपास, गेहूं सहित अन्य कृषि उत्पादों के परिवहन में सुविधा मिलने से किसानों को बेहतर मूल्य मिल सकेगा, वहीं व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। सांसद ने कहा कि प्रस्तावित सिरसा-भादरा रेल लाइन उत्तर और दक्षिण भारत को जोड़ने वाले एक वैकल्पिक रेल कॉरिडोर के रूप में कार्य करेगी। इससे यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन को भी सुविधा मिलेगी और हरियाणा-पंजाब क्षेत्र के औद्योगिक विकास को मजबूती मिलेगी। सैलजा ने यह भी कहा कि दोनों रेल परियोजनाएं सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। सीमा क्षेत्र से जुड़े होने के कारण आपातकालीन परिस्थितियों में सेना तथा राहत सामग्री के आवागमन में भी ये रेल मार्ग उपयोगी सिद्ध होंगे। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि इन परियोजनाओं का शीघ्र सर्वे कराकर इन्हें मंजूरी दी जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर यातायात सुविधा, रोजगार के अवसर और आर्थिक विकास का लाभ मिल सके।

परियोजनाओं के सर्वेक्षण और शीघ्र स्वीकृति का आग्रह

श्रमिक कल्याण के नाम पर 1500 करोड़ का घोटाला, भाजपा पर बोला

सांसद सैलजा ने हरियाणा श्रमिक कल्याण बोर्ड में लगभग 1500 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि 13 जिलों में 91 प्रतिशत वर्क स्लिप और 87 प्रतिशत श्रमिक पंजीकरण फर्जी पाया जाना भाजपा सरकार के भ्रष्ट शासन का स्पष्ट प्रमाण है। सैलजा ने कहा कि जिन योजनाओं का उद्देश्य मेहनतकश मजदूरों को सम्मान, सुरक्षा और सहायता देना था, उन्हें भ्रष्टाचार और सत्ता संरक्षण के चलते लूट का माध्यम बना दिया गया। यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित और संगठित भ्रष्टाचार है, जिसमें गरीब और श्रमिक वर्ग के अधिकारों पर सीधा हमला किया गया है। कांग्रेस पार्टी इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग करती है।

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