Choutala News : आख़िर चौटाला टोल प्लाजा पर ऐसा क्या हुआ कि किसानों को उतरना पड़ा सड़क पर?

up to date


डबवाली।
चौटाला टोल प्लाजा पर बुधवार को किसान संगठनों ने हाईवे कंपनी और टोल प्लाजा की लगातार अनियमितताओं के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में किसानों, जनवादी संगठनों के नेताओं और स्थानीय लोगों ने भारी संख्या में भाग लिया और नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि टोल प्लाजा कंपनी न तो वाहन चालकों के लिए कोई सुविधाएं उपलब्ध करा रही है और न ही कर्मचारियों की भलाई के लिए कोई कदम उठा रही है। अखिल भारतीय किसान सभा के जिला सह-सयोजक राकेश फागोडिया ने धरने पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि टोल प्लाजा कंपनी सभी वर्गों का शोषण कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी और हाईवे अथॉरिटी द्वारा अनियमितताओं को लेकर किसानों और आम जनता का मानसिक और आर्थिक शोषण किया जा रहा है। फागोडिया ने यह भी कहा कि टोल प्लाजा और हाईवे अथॉरिटी द्वारा विभिन्न मांगों को पूरा करने के लिए धरना आयोजित किया गया है, और जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक उनका आक्रोश थमने वाला नहीं है।

प्रमुख मांगे:

  • 1. सभी टोल प्लाजा की लाइनें तुरंत शुरू की जाएं, जिससे वाहनों की आवाजाही में कोई बाधा न हो।
  • 2. शेरगढ़ टोल प्लाजा पर अवैध पार्किंग को बंद किया जाए।
  • 3. भारत माला सड़क पर बने यू-टर्न्स को खोलकर आम जनता को राहत दी जाए।
  • 4. सर्विस लेन से गुजरने वाले वाहनों पर फास्ट टैग पर तत्काल रोक लगाई जाए।
  • 5. सभी गांवों को टोल फ्री किया जाए, जो भारत माला मार्ग के पास स्थित हैं।
  • 6. भारत माला मार्ग पर सभी स्ट्रीटलाइट्स को चालू किया जाए।
  • 7. किसानों के सभी कृषि यंत्रों को टोल फ्री किया जाए।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें:

  • 1. कर्मचारियों को पंजाब की तर्ज पर 25,000 प्रति माह वेतन दिया जाए और वेतन समय पर प्रदान किया जाए।
  • 2. सभी कर्मचारियों की ड्यूटी एक समान तरीके से तय की जाए और उन्हें नजदीकी टोल पर ही तैनात किया जाए।
  • 3. सभी टोल बूथों में गर्मी और सर्दी से बचाव के लिए उचित व्यवस्था की जाए, जैसे हीटर और एसी।4. टूटी कुर्सियों को बदला जाए और कर्मचारियों की कार्यस्थल पर सुविधाएं बढ़ाई जाए

           प्रदर्शन किसानों और आम जनता के अधिकारों की रक्षा up to date

    सुरक्षा और प्रशासनिक सहयोग:

    प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे, और थाना सदर प्रभारी शैलेंद्र सिंह ने किसानों की जायज मांगों का समर्थन किया। प्रदर्शन को विभिन्न किसान संगठनों और जनवादी संगठनों के नेताओं का भी समर्थन मिला। नेताओं ने कहा कि सरकारों और कंपनियों की बेरूखी से किसानों का शोषण बढ़ रहा है, और अब किसान हर तरह से अपनी लड़ाई लड़ेगा। up to date

    पांच दिन का दिया अल्टीमेटम

    किसान नेताओं ने बताया कि यदि पांच दिनों में टोल प्लाजा और हाईवे अथॉरिटी की मांगें पूरी नहीं की जातीं, तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। यह प्रदर्शन किसानों और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए एक मजबूत कदम था, और किसान संगठन जल्द ही प्रशासन और टोल प्लाजा अधिकारियों से अपनी मांगों के लिए जवाब की उम्मीद कर रहे हैं। up to date

    एक टिप्पणी भेजें

    0 टिप्पणियाँ