Nathsuri Chopta News : 850 एकड़ फसल खतरे में! नाथूसरी चौपटा का ट्रांसफार्मर जलने से किसानों में भारी रोष

 ट्रांसफार्मर जलने से गेहूँ, सरसों व चने की सिंचाई पर छाया सिंचाई का संकट

समस्या को हल करने के लिए किसानों ने जताया रोष up to date

नाथूसरी चौपटा। नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के गांव शाहपुरिया में सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के तहत लगाए गए ट्रांसफार्मर के जलने से किसानों की 850 एकड़ भूमि में सिंचाई का संकट गहरा गया है। पिछले महीने 30 दिसंबर को ट्रांसफार्मर जल गया था, जिससे किसानों की फसलों में सिंचाई पूरी तरह से ठप हो गई है। इस समस्या के चलते किसानों में आक्रोश व्याप्त है और उन्होंने ट्रांसफार्मर बदलने की मांग की है। गांव की रेतीली भूमि में सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के तहत लगाए गए फव्वारे से किसान अपनी फसलों को पानी देते थे। यह परियोजना 2018 में सरकार द्वारा 4 करोड़ 4 लाख रुपये की लागत से स्थापित की गई थी। इस परियोजना में मोटरें लगी हुई थीं, जिनसे सिंचाई होती थी। परियोजना की देखरेख काडा विभाग के हाथ में थी, लेकिन ट्रांसफार्मर के जलने से यह सेवा पूरी तरह से ठप हो गई है।  up to date

850 एकड़ फसल में सिंचाई बाधित

किसान कृष्ण कुमार सिंवर, हनुमान, मंगत राम, सुंदरपाल, गुलाब सिंह, सुमेर सिंह, वेदपाल, सतपाल, रमेश, भीम, रामकुमार, विशाल, ओमप्रकाश और रामचंद्र ने बताया कि ट्रांसफार्मर जलने से 850 एकड़ भूमि में गेहूं, सरसों और चना जैसी फसलों में सिंचाई की समस्या उत्पन्न हो गई है। किसानों ने बताया कि अब बिजली सप्लाई पूरी तरह से बाधित है, और यदि जल्द ही बिजली की आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो उनकी फसलें खराब हो सकती हैं, जिससे उनका उत्पादन और आर्थिक स्थिति दोनों प्रभावित हो सकते हैं। up to date

 किसानों में आक्रोश व्याप्त ट्रांसफार्मर बदलने की मांग up to date

अधिकारी अपनी-अपनी जिम्मेदारी से खींच रहे हाथ

किसानों ने इस मुद्दे के समाधान के लिए काडा विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया है, जिन्होंने बिजली निगम के अधिकारियों को पत्र भेजने का आश्वासन दिया है। इस मुद्दे पर जब चौपटा के एसडीओ से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि इस समस्या की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की है। किसानों ने जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर बदलने की मांग की है, ताकि उनकी फसलों को समय पर पानी मिल सके और उनका उत्पादन सुरक्षित रह सके। up to date

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