इंस्टाग्राम विवाद से निकली खौफनाक साजिश, सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप
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| सोशल मीडिया से ली गई तस्वीर up to date |
आरडीएक्स से उड़ाने की धमकी
मामले की शुरूआत 30 जुलाई को हुई, जब उत्तर प्रदेश पुलिस के डीजी कंट्रोल को एक ईमेल प्राप्त हुआ। इस ईमेल में आगरा एयरपोर्ट और आगरा कैंट रेलवे स्टेशन को 50 किलो आरडीएक्स लगाकर उड़ाने की धमकी दी गई थी। मेल भेजने वाले ने खुद को अहमद बताया और पुलिस को खुली चुनौती दी कि यदि किसी में हिम्मत है तो इस हमले को रोक कर दिखाए। यही नहीं, आरोपी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी सीधे तौर पर चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें हिम्मत है तो 3 अगस्त 2024 को इस धमकी को रोक कर दिखाएं। ईमेल की भाषा और उसमें किए गए दावों को देखते हुए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने इसे बेहद गंभीरता से लिया।
सुरक्षा एजेंसियों में मचा हड़कंप
धमकी भरा ईमेल सामने आते ही आगरा पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं। आगरा एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था तत्काल बढ़ा दी गई। बम निरोधक दस्तों को तैनात किया गया और डॉग स्क्वायड की मदद से सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
इसके साथ ही एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन के आसपास स्थित होटल, लॉज और धर्मशालाओं में व्यापक चेकिंग शुरू की गई। हर संदिग्ध व्यक्ति की तलाशी ली गई और आने-जाने वालों पर कड़ी नजर रखी गई। कई घंटों तक चले इस अभियान के कारण आम लोगों में भी दहशत का माहौल रहा। up to date
सर्विलांस जांच से हुआ खुलासा
दूसरी ओर, धमकी भरे ईमेल की तकनीकी जांच भी तेजी से शुरू कर दी गई। सर्विलांस और साइबर सेल की टीम ने ईमेल की आईपी एड्रेस और डिजिटल ट्रेल को खंगालना शुरू किया। जांच के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि यह ईमेल राजस्थान के धौलपुर जिले के पुष्पांजलि विहार इलाके से भेजा गया था। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान गोपेश के रूप में की। पहचान पुख्ता होते ही आगरा से स्पेशल आॅपरेशन ग्रुप (एसओजी) और सर्विलांस टीम ने धौलपुर में उसके घर पर दबिश दी।
घरवालों को भी नहीं था यकीन
पुलिस टीम के अचानक पहुंचने से गोपेश के परिजन सन्न रह गए। जब पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की, तो परिवार के लोग यह मानने को तैयार नहीं थे कि गोपेश इस तरह की खौफनाक धमकी देने में शामिल हो सकता है। शुरूआत में आरोपी ने खुद को नाबालिग बताने की कोशिश की, लेकिन दस्तावेजों और अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस ने साफ कर दिया कि उसकी उम्र 21 साल है। इसके बाद सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी टूट गया और उसने पूरी साजिश कबूल कर ली। up to date
बहन को परेशान करने से जुड़ा है मामला
पुलिस पूछताछ में गोपेश ने बताया कि उसकी बहन को पड़ोस में रहने वाला एक युवक इंस्टाग्राम पर लगातार परेशान कर रहा था। आरोपी का दावा है कि उसने कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन जब बात नहीं बनी तो उसने उस युवक को सबक सिखाने की साजिश रच डाली। गोपेश ने बताया कि उसने पड़ोसी युवक का ही मोबाइल फोन चुरा लिया और उसी के जरिए फर्जी ईमेल आईडी बनाई। इस आईडी का नाम उसने अहमद रखा और उसी से यूपी पुलिस को धमकी भरा ईमेल भेज दिया। आरोपी को यह गलतफहमी थी कि इस धमकी के बाद पुलिस सीधे उस युवक को पकड़ लेगी और उसे जेल भेज देगी। up to date
गंभीर अपराध, आरोपी का इतिहास खंगाल रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भले ही आरोपी की मंशा किसी निजी विवाद से जुड़ी रही हो, लेकिन इस तरह की धमकी देना बेहद गंभीर अपराध है। इससे न केवल सुरक्षा एजेंसियों को भारी संसाधन लगाने पड़े, बल्कि आम जनता में भी भय का माहौल बना। फिलहाल, पुलिस ने गोपेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने इससे पहले या कहीं और इस तरह की कोई हरकत तो नहीं की। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाह, धमकी या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और कानून को अपने हाथ में लेने से बचें।
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