Sirsa News: इस गांव के स्कूल की स्थापना को हुए 100 वर्ष, 18 को मिलेंगे पूर्व छात्र-छात्राएं

 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय स्थापना के 100 वर्ष पूरे up to date


चौपटा क्षेत्र के गांव चाहरवाला स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अपने स्थापना के गौरवशाली 100 वर्ष पूरे करने जा रहा है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में 18 जनवरी को शताब्दी पूर्व छात्र मिलन समारोह एवं भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर विद्यालय परिसर में जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं। स्कूल भवन का रंग-रोगन कर उसे आकर्षक ढंग से सजाया गया है, जिससे पूरे गांव में उत्साह का माहौल है। up to date

इस विशेष समारोह में टीसीआई ट्रांसपोर्ट के प्रबंधक धर्मपाल अग्रवाल, जिला उपायुक्त शांतुन शर्मा तथा पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के उन पूर्व छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने शिक्षा, प्रशासन, सेना और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। सम्मानित होने वालों में सेना के अधिकारी, कर्नल, तहसीलदार, प्राचार्य सहित कई उच्च पदों पर कार्यरत पूर्व छात्र शामिल हैं।up to date

विद्यालय के अध्यापक रविंद्र कुमार ख्यालिया एवं ग्रामीण मुकेश कुमार ने बताया कि शताब्दी समारोह को यादगार बनाने के लिए पूर्व छात्रों को विशेष निमंत्रण भेजे गए हैं। इसके साथ ही दिवंगत पूर्व छात्रों के परिजनों को भी सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया गया है, ताकि विद्यालय से जुड़ी हर पीढ़ी इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बन सके।up to date

इस विद्यालय की स्थापना गांव चाहरवाला में लाला हरदेव शाह एवं ठाकुर भार्गव दास द्वारा की गई थी। वर्ष 1926 में यहां प्राथमिक विद्यालय के रूप में शिक्षा की शुरुआत हुई। समय के साथ विद्यार्थियों की संख्या बढ़ती गई और 1934 में इसे मिडिल स्कूल के रूप में अपग्रेड किया गया। वर्ष 1952 में विद्यालय को हाई स्कूल का दर्जा मिला और बाद में यह सीनियर सेकेंडरी स्कूल बन गया।

उस दौर में चौपटा क्षेत्र में विद्यालयों की संख्या बहुत कम थी, ऐसे में यह स्कूल शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा। यहां चाहरवाला, जोगीवाला, रामपुरा बगड़िया, कागदाना, कुम्हारियां, जसनियां, गिगोरानी, शाहपुरियां, दैयड़, जंडवाला बागड़, रूपाना गंजा, रूपाना बिश्रोईयां, शक्करमंदोरी और तरकांवाली सहित लगभग 14 गांवों के विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने आते रहे हैं। शताब्दी समारोह के माध्यम से विद्यालय की इस गौरवशाली विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।up to date

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ