Sirsa News : चाहरवाला स्कूल ने मनाया स्थापना के 100 वर्ष, एल्यूमिनी मिलन समारोह में छलकी पुरानी यादें

स्कूल के विभिन्न वर्षों के पूर्व छात्र (एल्यूमिनी) बड़ी संख्या में पहुंचे  up to date

चौपटा। चौपटा क्षेत्र के गांव चाहरवाला स्थित राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने अपने स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर लिए। इस ऐतिहासिक अवसर पर रविवार को शताब्दी पूर्व छात्र मिलन समारोह एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्कूल के विभिन्न वर्षों के पूर्व छात्र (एल्यूमिनी) बड़ी संख्या में पहुंचे और वर्षों बाद एक-दूसरे से मिलकर भावुक हो उठे। सभी ने अपने-अपने अनुभव साझा किए और स्कूल से जुड़ी यादों को ताजा किया। समारोह के लिए पूरे स्कूल परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था।

 रंग-रोगन के साथ विद्यालय को उत्सवमय रूप दिया गया। कार्यक्रम में टीसीआई ट्रांसपोर्ट के प्रबंधक धर्मपाल अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ सीटीएम अजय कुमार, एएसपी फैजल खान तथा ब्लॉक समिति चेयरमैन सूरजभान बुमरा ने भी शिरकत की। इस अवसर पर कार्यक्रम में शामिल सभी पूर्व छात्रों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। 

ग्रामीणों ने बताया कि धर्मपाल अग्रवाल के पिता सेठ प्रभु दयाल अग्रवाल ने स्कूल की स्थापना के शुरूआती दौर में महत्वपूर्ण सहयोग दिया था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए धर्मपाल अग्रवाल ने विद्यालय की लाइब्रेरी के आधुनिकीकरण के लिए सहयोग देने का आश्वासन दिया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने सराहना के साथ स्वीकार किया। 

वा थाना प्रभारी आनंद बेनीवाल भी कार्यक्रम में पहुंचे

इस अवसर पर पूर्व प्रधान धर्म सिंह, पूर्व सरपंच पूर्ण सिंह, शेर सिंह, हरि सिंह सहारण, पूर्व सरपंच रामचंद्र, पूर्व सरपंच भूप सिंह, गौशाला प्रधान रामस्वरूप, राम सिंह, फौजी रामस्वरूप बेनीवाल, मोनिका बेनीवाल, कृष्ण गढ़वाल (कागदाना), कृपाल आर्य, शिक्षा अधिकारी सुनीता साइ, प्रिंसिपल जयकिशन शर्मा, अश्विनी, वेद प्रकाश, कुलदीप, दिलबाग, पृथ्वी सिंह, रविंदर, जगदीश, विजय, मोहन, सुभाष, बलदेव बेनीवाल, मुकेश बेनीवाल, रामकुमार, दिनेश खरा तथा सरपंच प्रतिनिधि अशोक कुमार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। 

स्कूल में आकर ताजा हो गईं यादें... एडवोकेट हरिसिंह 

कार्यक्रम में गांव शक्करमंदोरी से पहुंचे एडवोकेट हरि सिंह सहारण ने अपने छात्र जीवन की यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि उन्होंने वर्ष 1965 में इसी स्कूल से मैट्रिक की परीक्षा पास की थी। उनके साथ पढ़ने वाले विद्यार्थियों में चंद्रभान (रेलवे में भर्ती), शीशपाल (एसडीओ), राजकुमार अग्रवाल (प्रोफेसर), रघुवीर बगड़िया (हिंदी प्रोफेसर), बहादुर सिंह भट्टी और सोहनलाल कासनिया जैसे नाम शामिल रहे। उन्होंने कहा कि स्कूल आकर पुरानी यादें ताजा हो गईं और कार्यक्रम बहुत ही प्रेरणादायक रहा।

युवा थाना प्रभारी ने साझा किए अनुभव

इसी प्रकार रामकुमार बेनीवाल और सेवानिवृत्त प्रिंसिपल वेद प्रकाश भी इसी स्कूल के पूर्व छात्र रहे हैं, जिन्होंने समारोह में शिरकत की। गांव के युवा थाना प्रभारी आनंद बेनीवाल भी कार्यक्रम में पहुंचे और अपने पुराने सहपाठियों से मिलकर खुशी जाहिर की। कार्यक्रम की शोभा स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक एवं देशभक्ति कार्यक्रमों ने बढ़ा दी। रंगारंग प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी अतिथियों और पूर्व छात्रों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अध्यापक रविंद्र कुमार ख्यालिया और ग्रामीण मुकेश कुमार ने बताया कि इस समारोह के लिए स्कूल के पूर्व छात्रों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। कई पूर्व छात्रों के परिजन भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

 प्रस्तुतियों ने सभी अतिथियों और पूर्व छात्रों को मंत्रमुग्ध किया  up to date


स्कूल का गौरवशाली इतिहास

गांव चाहरवाला के इस ऐतिहासिक स्कूल की नींव लाला हरदेव शाह और ठाकुर भार्गव दास द्वारा रखी गई थी। वर्ष 1926 में प्राथमिक स्कूल के रूप में यहां पढ़ाई शुरू हुई। छात्रों की संख्या बढ़ने पर वर्ष 1934 में इसे मिडिल स्कूल के रूप में अपग्रेड किया गया। इसके बाद 1952 में स्कूल को हाई स्कूल तथा आगे चलकर सीनियर सेकेंडरी स्कूल का दर्जा मिला। उस समय चौपटा क्षेत्र में स्कूलों की संख्या बहुत कम थी। 

ऐसे में चाहरवाला स्कूल शिक्षा का बड़ा केंद्र बना। यहां चौपटा क्षेत्र के 14 गांवों —चाहरवाला, जोगीवाला, रामपुरा बगड़िया, कागदाना, कुम्हारियां, जसनियां, गिगोरानी, शाहपुरियां, दैयड़, जंडवाला बागड़, रूपाना गंजा, रूपाना बिश्रोईयां, शक्करमंदोरी और तरकांवाली—के बच्चे शिक्षा ग्रहण करने आते थे। शताब्दी समारोह ने न केवल स्कूल के गौरवशाली अतीत को याद किया, बल्कि भविष्य में शिक्षा के और बेहतर विकास की दिशा में नई उम्मीदें भी जगाईं।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ