TTC हिसार कृषि मेला 2026: ड्रोन टेक्नोलॉजी और आधुनिक मशीनरी से खेती होगी आसान

अब कीटों को भगाने के लिए स्प्रै और कैमिकल से बचाएगा गमट्री 


हिसार। सिरसा रोड़ स्थित उत्तरी क्षेत्र कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान (टीटीसी केंद्र), हिसार में तीन दिवसीय कृषि प्रदर्शनी का शुभारंभ रणबीर सिंह गंगवा, केबिनेट मंत्री (जन स्वास्थय अभियांत्रिकी विभाग एवं लोक निर्माण विभाग), हरियाणा सरकार ने फीता काटकर किया। उनके साथ वरिष्ट अतिथि के तौर पर सुभाष बराला, राज्यसभा सांसद, टीटीसी के निदेशक डॉ. मुकेश जैन व अन्य वरिष्ठ भाजपा नेता भी उपस्थित थे। केबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा, सुभाष बराला व आए हुए अन्य अतिथियों ने मेले का भ्रमण किया। उन्होंने बताया कि आज का युग मशीनरी का युग है, यहां इस कृषि मेले में किसानों के लिए खेती से सम्बंधित विभिन्न जानकारियां है। उन्होेंने कहा कि इस प्रकार के मेले में अधिक से अधिक संख्या में आना चाहिए और अपने ज्ञान का बढ़ाना चाहिए। फसल को कीड़े-मच्छर खा जाते थे जिससे बचने के लिए फसल में कई-कई बार स्प्रै करने पड़ते थे। उसी स्प्रै की वजह से फसलों में कैमिकल ज्यादा पड़ता है और वो कहीं ना कहीं हमारे स्वास्थय पर भी बुरा असर डालती है। हमारी सेहत अच्छी रहें और किसानों की फसल भी बर्बाद ना हो इसी समस्या से निजात पाने के लिए अब आ गया है गमट्री। यह एक कागज की अलग-अलग रंग की शीट होती है जिसपर गलू बेस है, जिसे खेत में डण्डे के सहारे जगह-जगह पर लगाया जा सकता है। रंग से आकर्षित होकर इस पर कीट पतंगे आ कर चिपक जाते हैैं और उस ट्रैप में फस जाते हैैं। इस शीट का गलू 3 से 4 महीने तक रहता है।


सांस्कृतिक प्रस्तुति देते कलाकार।


आकर्षण का केंद्र बना हाईड्रोजन ड्रोन

कृषि प्रदर्शनी में हाईड्रोजन से उड़ने वाले ड्रोन ने किसानों को अपनी और खूब आकर्षित किया। किसानों को अगले महीने से मिल सकेगा ड्रोन। यह ड्रोन दो तरह के सिलेण्डरों एक तीन किलो व दूसरा पांच किलो में उपलब्ध रहेगा। इसकी वजन उठाने की क्षमता 10 से 50 किलो तक है। एक किलोमीटर की ऊचाई तक उड़ाया जा सकता है जिससे इसे पहाड़ी एरिया में भी काम लाया जा सकता है। इसकी लागत 15 से 20 लाख तक है। 5 से 7 मिनट में एक एकड़ में छिडकाव कर सकता है।

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