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| पुलिस की गिरफ्त में आया नकली दरोगा बनकर ठगी का आरोपी up to date |
आजमगढ़। जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां खुद को पुलिस दरोगा बताकर वर्दी में घूमने वाले एक युवक ने न सिर्फ गांव में रौब जमाया, बल्कि इसी फर्जी पहचान के सहारे एक बिजनेसमैन की बेटी से शादी कर ली। आरोपी की पहचान प्रदीप यादव के रूप में हुई है, जिसे पुलिस ने मोबाइल नंबर ट्रैक कर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में कार्रवाई कर उसे जेल भेजा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, प्रदीप यादव लंबे समय से खुद को दरोगा बताकर वर्दी पहनकर लोगों के बीच घूम रहा था। इसी दौरान उसने एक स्थानीय बिजनेसमैन के परिवार को भरोसे में लेकर शादी का रिश्ता तय कराया। परिवार ने उसे असली दरोगा समझते हुए बेटी की शादी में करीब 30 से 40 लाख रुपये दहेज और अन्य खर्चों में लगा दिए। up to date
परिवार ने दर्ज कराई शिकायत
इस पूरे फजीर्वाड़े का खुलासा तब हुआ, जब पीड़िता काजल यादव के भाई ने अपने जीजा को जन्मदिन पर सरप्राइज देने की सोची। वह बिना बताए उनके बताए गए थाने पहुंच गया। थाने में पहुंचकर उसने सीना चौड़ा करते हुए कहा कि उसे दरोगा प्रदीप यादव से मिलना है, जो उसके जीजा हैं। यह सुनकर थाना प्रभारी पहले तो हंस पड़े और फिर स्पष्ट कहा कि इस थाने में इस नाम का कोई दरोगा तैनात नहीं है। भाई ने तुरंत जीजा को फोन किया और पूछा कि वह कहां हैं। दूसरी ओर से जवाब मिला—मैं थाने में ही हूं। भाई ने कहा कि वह भी थाने में बैठा है और सामने थाना प्रभारी मौजूद हैं। थाना प्रभारी की आवाज सुनते ही आरोपी ने फोन काट दिया और इसके बाद दो-तीन दिन तक मोबाइल बंद रखा। जब पीड़िता के भाई ने थाना प्रभारी को आरोपी की तस्वीर दिखाई, तो थाना प्रभारी ने तुरंत पहचान करते हुए बताया कि यह व्यक्ति उनके थाना क्षेत्र का कुख्यात ठग है। इसके बाद परिवार ने आजमगढ़ में शिकायत दर्ज कराई। up to date
मोबाइल ट्रैक कर आरोपी गिरफ्तार
शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी का मोबाइल नंबर ट्रैक कर उसे दबोच लिया। पूछताछ में फर्जी दरोगा बनकर ठगी करने की पुष्टि हुई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। पुलिस ने इस मामले को गंभीर बताते हुए आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से माता-पिता से कहा गया है कि यदि रिश्ता पुलिस, दरोगा या किसी भी सरकारी पद से जुड़ा बताया जाए, तो उसकी पोस्टिंग और पहचान की आधिकारिक पुष्टि जरूर करें। संबंधित थाने में जाकर जानकारी लेने से ऐसे फजीर्वाड़ों से बचा जा सकता है। up to date

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