यदि आपकी भी है इस प्रकार की दिनचर्या तो रखें इन बातों का विशेष ध्यान....

जंक व फास्ट फू ड खाने वाले हो जाएं सावधान


लीवर संबंधी रोगों से बचने के लिए फलों का करें सेवन  up to date

लीवर हमारे शरीर का एक अत्यंत बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील अंग (आॅर्गन) है, जो बिना रुके हमारे लिए दिन-रात काम करता रहता है। इसका काम शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालना, भोजन पचाने में सहायता करना, खून को साफ रखने और ऊर्जा का भंडारण करने के साथ ही कई जरूरी अन्य कार्य भी हैं। आसान शब्दों में कहें तो लीवर हमारे शरीर का प्राकृतिक फिल्टर है। यदि लीवर स्वस्थ है, तो शरीर भी स्वस्थ रहता है। आज के समय में गलत खानपान, फास्ट फूड, शराब सेवन, अनियमित दिनचर्या, मोटापा और तनाव के कारण लीवर से जुड़ी बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं। फैटी लीवर, हेपेटाइटिस, लीवर सिरोसिस जैसी समस्याएँ अब केवल बुजुर्गोें तक ही सीमित नहीं रहीं, बल्कि युवा भी इसकी चपेट में आने से वंचित नहीं हैं। सर्वाधिक चिंता की बात तो यह है कि शुरूआती दौर में लीवर की बीमारी के लक्षण स्पष्ट नहीं होते। इसीलिए लीवर की सुरक्षा को लेकर जागरूक होना बेहद जरूरी है। सही खानपान, स्वस्थ जीवनशैली और कुछ सावधानियाँ अपनाकर लीवर को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है। 





लीवर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए इन बातो का रखें बेहद ध्यान:

1. शरीर में पानी और हाइड्रेशन बनाए रखें

पानी हमारे शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है और लीवर को सुचारू रूप से कार्य करने में सहायता करता है। विशेषज्ञों के अनुसार प्रतिदिन लगभग 2-3 लीटर पानी पीना स्वास्थ्य के लिए सही माना जाता है। अच्छे हाइड्रेशन से लीवर की डिटॉक्सिफिकेशन क्षमता बेहतर होती है। इस लिए जितना हो सके ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं।


2. कॉफी और ग्रीन टी का सेवन

कॉफी में मौजूद एंटीआॅक्सीडेंट लीवर को बीमारियों से बचाने में सहायक होते हैं। एक शोध में पता चला है कि नियमित कॉफी सेवन से लीवर रोगों के जोखिम में बेहद कमी आ सकती है और लीवर एंजाइम स्तर बेहतर हो सकते हैं। उसी प्रकार, हरी चाय (ग्रीन टी) लीवर की कार्यक्षमता को बढ़ाने और वसा जमाव को कम करने में सहायक पाई गई है। 


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3. हेल्दी वसा और ओमेगा-3 फैटी एसिड

लीवर को स्वस्थ रखने के लिए संतृप्त वसा और ट्रांस फैट से बचना आवश्यक है। इसके स्थान पर ओमेगा-3 फैटी एसिड जैसे कि सल्मन, मैकेरल, टूना आदि मछली लीवर के लिए लाभकारी हैं। यह वसा सूजन को कम करती है और लीवर की कोशिकाओं को पोषण देती है। 

4. नट्स और बीज

नट्स जैसे बादाम, अखरोट और फ्लैक्ससीड्स में हेल्दी वसा और एंटीआॅक्सिडेंट पाए जाते हैं। जो कि हमारे लीवर को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक है। शोधों के अनुसार ये वसा लीवर में वसा जमाव को रोकने और सूजन को कम करने में सहायक होते हैं। 

5. ताजे फल और हरी पत्तेदार सब्जियाँ 

हरी और पत्तेदार सब्जियाँ (पालक, ब्रोकली), बीट (चुकंदर), बेरीज (ब्लूबेरी, क्रैनबेरी) में विटामिन, फाइबर और एंटीआॅक्सिडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं। ये लीवर की डिटॉक्स प्रक्रिया को बेहतर बनाते हैं और कोशिका क्षति को रोकते हैं। 

6. साबुत अनाज और फाइबर

 ब्राउन राइस, ओट्स, क्विनोआ जैसे साबुत अनाजों में फाइबर की मात्रा अधिक होती है जो हमारी पाचन प्रकिया को बेहतर बनाता है और लीवर की कार्यक्षमता में सहायता प्रदान करता है। यह शरीर में मोटापे और अतिरिक्त संचित वसा को नियंत्रित करने में मदद करता है। 

7. हल्दी और लहसुन 

हल्दी में करक्यूमिन नामक यौगिक लीवर की सूजन और क्षति को कम करने में सहायक पाया गया है। हल्दी दूध या हल्दी वाला सब्जी आहार में शामिल करें। लहसुन लीवर को सक्रिय करता है और उसके डिटॉक्सिफिकेशन एंजाइम्स को बढ़ावा देता है। 


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क्या खाने से बचें?

कई ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो लीवर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं:

  • अत्यधिक तला-भुना और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ
  • अतिरिक्त शक्कर और मीठे पेय
  • बहुत ज्यादा नमक
  • अल्कोहल का अधिक सेवन
  • इनसे वसा जमाव, सूजन, और लीवर संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ता है। 


लीवर को स्वस्थ रखने के लिए कुछ टिप्स: 

1. नियमित व्यायाम

सप्ताह में कम-से-कम 150-200  मिनट तक मध्यम व्यायाम (जैसे तेज चलना, योग, साइकलिंग, जोगिंग) करना वजन को नियंत्रण और लीवर की वसा को कम करने में मददगार साबित है।

2. वजन नियंत्रित/वेट कंट्रोल रखें

मोटापा लीवर पर वसा जमा होने का कारण बन सकता है। सही आहार और व्यायाम से वजन को नियंत्रित रखना आवश्यक है। 

3. शराब का सेवन बंद करें 

एल्कोहल हमारे लीवर की कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त करता है और सिरोसिस (लिवर की गंभीर बीमारी) का खतरा बढ़ा सकता है। इस लिए एल्कोहल के सेवन से बचना चाहिए क्योंकि यह हमारे लीवर के साथ ही अन्य अंगों को भी प्रभावित करता है।

4. समय-समय पर स्वास्थ्य की जांच करवाएं

लीवर एंजाइम और फंक्शन परीक्षण समय-समय पर कराने से लीवर से संबंधित समस्याओं का प्रारंभिक संकेत दे सकता है और समय रहते ईलाज करवाने से हमें अन्य बीमारियों से बचने में भी मददगार साबित होगा।

नोट: इस आर्टिकल में पूरी सावधानी बरती गई है। आपको यदि लीवर से संबंधित समस्या है तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।



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