डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक की पत्नी ने लगाया फंदा, मौत

रिद्धि-सिद्धि डायग्नोस्टिक की फाईल फोटो UP TO DATE




सिरसा। सिरसा जिले में शनिवार शाम एक दुखद घटना ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया। माल गोदाम रोड स्थित रिद्धि सिद्धि डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक डॉ. मोहित महिपाल की पत्नी ऋतु महिपाल (38 वर्ष) ने अपने घर में आत्महत्या कर ली। वारदात की सूचना मिलते ही शहर थाना पुलिस टीम मौके पर पहुँची और जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, घटना शनिवार दोपहर लगभग तीन बजे की है। घर की दूसरी मंजिल पर स्थित कमरे में ऋतु महिपाल मृत अवस्था में पाई गईं। पुलिस ने बताया कि शरीर को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भेज दिया गया है। up to date

परिवारजनों ने दी पुलिस को सूचना

घटना के समय घर पर परिवार के अन्य सदस्य मौजूद थे, जिन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ऋतु महिपाल पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रही थीं। बताया जा रहा है कि वे उपचार भी ले रही थीं और इसी कारण उन्होंने कुछ सप्ताह पहले डायग्नोस्टिक सेंटर पर जाना बंद कर दिया था, जिसका संचालन काफी हद तक उनके जिम्मे था। परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, कुछ महीनों से वे अवसाद जैसी स्थिति से गुजर रही थीं, हालांकि इसके कारणों की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। डॉ. मोहित महिपाल और ऋतु महिपाल की लव मैरिज हुई थी। दोनों के दो बच्चे हैं- एक बेटा और एक बेटी। अचानक हुई इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिल पुलिस का कहना है कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, इसलिए आत्महत्या के कारणों की पुष्टि अभी संभव नहीं है। up to date

जांच के बाद ही पता चल पाएगा मौत का कारण: पुलिस

थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों और परिचितों के बयान लिये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की वास्तविक परिस्थितियों को समझा जा सकेगा। यह दुखद घटना समाज के सामने कई गंभीर सवाल छोड़ जाती है- मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता, पारिवारिक दबाव, कार्य-तनाव और जीवन की जद्दोजहद के बीच भावनात्मक संतुलन जैसे मुद्दों पर विचार करने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर संवाद, पारिवारिक सहयोग और मानसिक स्वास्थ्य का उपचार ऐसे मामलों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सिरसा में हुई यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए भारी त्रासदी है, बल्कि समाज के लिए भी एक संवेदनशील संदेश है कि मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना कितना खतरनाक साबित हो सकता है। up to date

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