वकील से अभद्र व्यवहार किया था SHO ने
वकील से अभद्र व्यवहार करने वाले SHO हमीर सिंह। Up To Dateहाईकोर्ट ने लिया ने स्वतः संज्ञान
जोधपुर के कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड थाने में वकील भरतसिंह राठौड़ के साथ हुई धक्का-मुक्की का मामला मंगलवार को राजस्थान हाईकोर्ट तक पहुंच गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए पुलिस आयुक्त, डीसीपी और थानाधिकारी को तलब किया गया। मंगलवार सुबह तीनों अधिकारी कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की कोर्ट में पेश हुए।
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सुनवाई के दौरान कोर्ट में चलाया रिकॉर्डेड वीडियो
सुनवाई के दौरान कोर्ट में वह वीडियो भी चलाया गया, जिसमें वकील के साथ थाने में कथित दुर्व्यवहार और धक्का-मुक्की दिखाई गई। वीडियो देखने के बाद कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश को कड़ी फटकार लगाई और पुलिस प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी पुलिसकर्मियों को ‘सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग’ अनिवार्य रूप से दी जाए।
कोर्ट ने कहा कि पुलिस का व्यवहार जनता के साथ संवेदनशील और पेशेवर होना चाहिए। किससे कैसे बात करनी है और किस परिस्थिति में कैसा व्यवहार रखना है, यह हर पुलिसकर्मी को पता होना चाहिए।
कोर्ट के सवालों पर पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच आईपीएस स्तर के अधिकारी से करवाई जा रही है।
SHO को किया गया सस्पेंड
फिलहाल SHO हमीरसिंह को सस्पेंड कर दिया गया है और अन्य दोषी पुलिसकर्मियों को भी थाने से हटाया जा रहा है। कमिश्नर ने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। और आगे से इस प्रकार की शिकायत नहीं देखने को मिलेगी।
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इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब वकील ने थाने में बिना यूनिफॉर्म के मौजूद पुलिसकर्मी द्वारा बयान लिए जाने पर आपत्ति जताई। इस बात पर SHO हमीरसिंह गुस्सा हो गए और वकील से अभद्र व्यवहार करते हुए कथित तौर पर कहा—“वकील है तो क्या हुआ, अभी 151 में बंद कर दूंगा।”
एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने का आदेश
हाईकोर्ट ने पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया कि एक सप्ताह में विस्तृत जांच रिपोर्ट पेश की जाए। अगली सुनवाई अगले हफ्ते निर्धारित की गई है। यह मामला एक बार फिर पुलिस के आचरण और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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| sho हमीर सिंह को निलंबित करने के लिए लिखित ऑर्डर |


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