प्राणवायु देवता पेंशन स्कीम की तर्ज पर बनेगी नई योजना, ऐसे मिलेगा लाभ

दक्षिण हरियाणा में रोहेड़ा-जांटी संरक्षण को मिलेगी तेज रफ्तार Pran Vayu Devata Yojana


Pran Vayu Devta scheme up to date



चंडीगढ़। हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने प्रदेश में वन संपदा के संरक्षण को मजबूत बनाने के निर्देश दिए हैं कि Pension For Plant: दक्षिण हरियाणा के विशेषकर महेंद्रगढ़, सतनाली, चरखी दादरी, बाढ़ड़ा, लोहारू क्षेत्रों में रोहेड़ा और जांटी के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्राणवायु देवता पेंशन स्कीम की तर्ज पर नई योजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि जिन किसान के खेतों में रोहेड़ा और जांटी के पेड़ सुरक्षित रहेंगे, उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप प्रतिवर्ष 500 रुपये की राशि प्रदान की जाएगी, जिसे आगे वर्ष-दर-वर्ष बढ़ाया जाएगा। वन मंत्री मंगलवार को चंडीगढ़ में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। पर्यावरणीय पर्यटन के विस्तार पर भी ब राव नरबीर सिंह ने निर्देश दिए कि इको टूरिज्म पॉलिसी के तहत मोरनी हिल्स में थापली तथा यमुनानगर के चुहड़पुर क्षेत्र में विस्तृत योजना तैयार कर वर्किंग ड्राफ्ट प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि शिवालिक व अरावली क्षेत्र के लिए भी इको टूरिज्म पॉलिसी के अनुरूप कार्य योजना बनाई जाए तथा परियोजनाओं को पीपीपी मॉडल पर संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे करने पर पर्यटन और स्थानीय रोजगार को साथ-साथ बढ़ावा मिल सके। Pran Vayu Devta scheme

वन मित्रों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाए: मंत्री


up to date


बैठक में बताया गया कि वन मित्र योजना के तहत गत वर्ष 71 हजार से अधिक गड्ढे खोदे गए तथा 5710 पौधे लगाए गए। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन मित्रों को खाद एवं नलाई-गुड़ाई के लिए या तो वित्तीय सहायता प्रदान की जाए या विभाग की ओर से आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाए जाएं, ताकि पौधों की देखभाल प्रभावी ढंग से हो सके और वन संपदा का विस्तार तेजी से आगे बढ़ सके। Pran Vayu Devata Yojana: 

वन मित्र योजना: का लाभ कैसे मिलता है


वृक्षारोपण, जैव विविधता संरक्षण और वनाधिकारों की जानकारी  up to date


वन मित्र योजना केन्द्र सरकार की ओर से शुरू की गई एक पहल है, जिसका उद्देश्य लोगों को वनों के संरक्षण, प्रबंधन और सतत उपयोग से जोड़ना है। इस योजना के तहत स्थानीय समुदायों को वन संसाधनों की देखभाल, वृक्षारोपण, जैव विविधता संरक्षण और वनाधिकारों की जानकारी दी जाती है। सरकार इन्हें आर्थिक सहयोग और प्रशिक्षण भी देती है, ताकि वे वन संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभा सकें। 

-

प्राणवायु देवता पेंशन स्कीम: 

 एक पर्यावरण संरक्षण आधारित पहल है, जिसका उद्देश्य पेड़ों को ‘प्राणवायु देवता’ का दर्जा देकर उनकी रक्षा करना है। इस योजना में किसी भी व्यक्ति द्वारा लगाए गए और संरक्षित किए गए पेड़ों को आधार माना जाता है। निर्धारित वर्षों तक पेड़ को सुरक्षित व जीवित रखने पर लाभार्थी को सरकार/स्थानीय निकाय की ओर से वार्षिक  ‘पेंशन’ प्रदान की जाती है। इसका मकसद लोगों को अधिकाधिक वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करना, पर्यावरण संतुलन बनाना और हरित क्षेत्र बढ़ाना है। इस स्कीम से पेड़ों की कटाई पर रोक लगती है और गांव-शहरों में हरियाली बढ़ती है। सरकार ने इस योजना के बारे में 2021 में ही ऐलान कर दिया था। सरकार का इस योजना को लाने के पीछे का मकसद  पेड़ों की कटाई पर रोक लगाना और हवा की गुणवत्ता को सुधारना है।

कौन से पेड़ को मिलेगी पेंशन


वनमित्र योजना के बारे में अन्य जानकारी  up to date


हरियाणा सरकार का कहना है कि इस योजना में 75 साल की उम्र या फिर उससे ज्यादा के पेड़ो को शामिल किया गया है। इसका मतलब है कि अगर आपके घर के आंगन में कोई पेड़ 75 साल से ज्यादा है तो आप इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ