10 देशों वाले ताकतवर BRICS समूह का नेतृत्व करेगा भारत, बदलेगा ग्लोबल गेम


नई दिल्ली। भारत ने 1 जनवरी 2026 से आधिकारिक रूप से BRICS  समूह की अध्यक्षता संभाल ली है। यह पहली बार है जब भारत विस्तारित BRICS समूह का नेतृत्व कर रहा है, जिसमें अब कुल 10 सदस्य देश शामिल हैं। इन देशों में ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रका के साथ-साथ नए सदस्य मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और इंडोनेशिया शामिल हैं। भारत की यह अध्यक्षता ऐसे समय में शुरू हुई है, जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अस्थिरता, भू-राजनीतिक तनाव और विकासशील देशों की चुनौतियाँ लगातार बढ़ रही हैं।

 ऐसे में भारत की भूमिका BRICS को एक सशक्त, संतुलित और प्रभावी वैश्विक मंच बनाने में अहम मानी जा रही है। अध्यक्षता के दौरान भारत का मुख्य फोकस सतत विकास, नवाचार, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और साउथ-साउथ सहयोग पर रहेगा। भारत विकासशील देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने, तकनीक आधारित समाधान को बढ़ावा देने तथा समावेशी विकास के नए रास्ते खोलने पर जोर देगा। सूत्रों के अनुसार, भारत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, फिनटेक, स्टार्टअप इकोसिस्टम और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में अपने अनुभव BRICS देशों के साथ साझा करेगा। इसके साथ ही व्यापार, निवेश, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग को भी नई दिशा देने की योजना है।

 विश्लेषकों का मानना है कि भारत का संतुलित कूटनीतिक दृष्टिकोण और सबका साथ, सबका विकास की सोच BRICS को अधिक सामंजस्यपूर्ण और प्रभावशाली समूह बनाने में मदद करेगी। भारत वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज को मजबूती से उठाते हुए विकासशील देशों के हितों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर आगे बढ़ा सकता है। कुल मिलाकर, BRICS की अध्यक्षता संभालना भारत के लिए एक गर्व का क्षण है। यह न केवल भारत की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता को दशार्ता है, बल्कि दुनिया के एक महत्वपूर्ण मंच पर नेतृत्व की मजबूत जिम्मेदारी भी सौंपता है। भारत की यह भूमिका आने वाले समय में वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक संतुलन पर गहरा प्रभाव डाल सकती है।

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