पीलीमंदोरी pilimandori गांव से लापता बच्चों का मामला: कॉल डिटेल्स से खुला राज, अब होगा नार्को टेस्ट Narcho test
फतेहाबाद।
28 दिसंबर को लापता हुए थे दो बच्चे
गांव पीलीमंदोरी में 28 दिसंबर को शाम करीब 6 बजे दो नाबालिग बच्चे अक्षय और विनय अचानक लापता हो गए थे। परिजनों और ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने अगले दिन यानी 29 दिसंबर को डॉग स्क्वायड की मदद से बच्चों को खोज निकाला। इसके बाद पुलिस ने बच्चों की चाची सुनीता को मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पुलिस जांच से संतुष्ट नहीं थे परिजन
हालांकि, बच्चों के परिजन और ग्रामीण पुलिस की शुरुआती जांच से संतुष्ट नहीं थे। इसी को लेकर 1 जनवरी को गांव में महापंचायत बुलाई गई, जिसमें पूरे मामले पर खुलकर चर्चा की गई।
महापंचायत में बच्चों का बड़ा बयान
महापंचायत के दौरान दोनों बच्चों से जब पूछा गया कि उन्हें सुनीता के घर तक कौन लेकर गया था, तो बच्चों ने साफ तौर पर कहा कि > “हमें खेत से नरेश अंकल गांव लेकर आए थे और वही हमें सुनीता चाची के घर छोड़कर आए थे। बाद में हमें गायब करने के बाद भी नरेश अंकल सुनीता चाची के घर आकर हमें संभाल कर गए थे।” जब महापंचायत में नरेश से इस बारे में सवाल किया गया, तो उसने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वह बच्चों को सुनीता के घर नहीं छोड़कर आया।
SHO ने 5 दिन में खुलासा करने का दिया था भरोसा
महापंचायत में भट्टू कलां थाना के एसएचओ को भी बुलाया गया था। एसएचओ ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया था कि 5 दिनों के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
थाने में फिर हुई पूछताछ
इसी क्रम में आज भट्टू कलां पुलिस ने महापंचायत द्वारा बनाई गई गांव कमेटी के सदस्यों को थाने बुलाया। कमेटी की मौजूदगी में नरेश और दोनों बच्चों से फिर से पूछताछ की गई इस दौरान बच्चों और नरेश ने महापंचायत में दिए गए अपने-अपने बयानों को दोहराया।
कमेटी सदस्यों ने नरेश से कहा कि..
> “यह गांव का मामला है, यदि तुम्हारी गलती है तो सच बता दो, गांव तुम्हें माफ कर देगा।” इसके बावजूद नरेश अपने बयान पर कायम रहा।
कॉल डिटेल्स से सामने आया अहम सबूत
भट्टू कलां पुलिस ने कमेटी को बताया कि जांच के दौरान जब नरेश और सुनीता की कॉल डिटेल्स निकाली गईं, तो यह सामने आया कि 28 दिसंबर को शाम करीब 5:30 बजे नरेश और सुनीता के बीच 17 सेकंड की बातचीत हुई थी। यह वही समय है, जब बच्चे लापता हुए थे। बच्चों का कहना भी यही है कि उसी दौरान नरेश उन्हें खेत से गांव लेकर आया था।
नार्को टेस्ट की मांग
अब पीलीमंदोरी गांव की महापंचायत कमेटी ने पुलिस से मांग की है कि सुनीता, उसके पति विनोद और नरेश – तीनों का नार्को टेस्ट कराया जाए, ताकि सच्चाई पूरी तरह सामने आ सके। पुलिस ने भी आश्वासन दिया है कि नार्को टेस्ट के लिए कोर्ट से अनुमति लेने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
सरपंच बोले – निर्दोष न फंसे, दोषी न बचे
गांव के सरपंच ने पुलिस से साफ कहा है कि “नार्को टेस्ट जरूरी है, ताकि कोई निर्दोष न फंसे और कोई दोषी बच न पाए। अब पूरे गांव की निगाहें कोर्ट की अनुमति और नार्को टेस्ट के नतीजों पर टिकी हुई हैं, जिससे यह साफ हो सकेगा कि इस मामले में सच कौन बोल रहा है और कौन झूठ।

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