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| देश-प्रदेश से लगभग 5 लाख श्रद्धालु गोगामेड़ी पहुंचे। Up to date |
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| श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। up to date |
पंच-गौरव कार्यक्रम और भव्य शोभायात्रा
पंच-गौरव कार्यक्रम (एक जिला-एक पर्यटन) के तहत 30 दिसंबर को भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आए लोक कलाकारों ने राजस्थानी लोक कला और संस्कृति का शानदार प्रदर्शन किया। शोभायात्रा में मशकवादन दल सूरतगढ़, रोबीले ग्रुप बीकानेर, शेखावटी क्षेत्र की चंग-ढफ कला, सरदारशहर का डेरू ग्रुप, पाबुसर चुरू का ढोल-चाली ग्रुप, स्थानीय कलाकारों द्वारा बीन-बांसुरी-भपंग वादन तथा कच्छी घोड़ी लोक नृत्य ने दर्शकों का मन मोह लिया। सजे-धजे ऊंटों के काफिले और नाचते-गाते कलाकार गोरख टीला से श्री गोगाजी मंदिर तक पहुंचे। up to date
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| दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुआ। up to date |
सांस्कृतिक संध्या और महाआरती
देवस्थान विभाग द्वारा 29 दिसंबर से 2 जनवरी 2026 तक पांच दिवसीय भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। इसके साथ ही जिला प्रशासन हनुमानगढ़, देवस्थान विभाग और पर्यटन विभाग के सहयोग से पहली बार दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुआ। सांस्कृतिक संध्या में सुफी बैंड बाड़मेर, भवाई लोक नृत्य बीकानेर, कालबेलिया नृत्य जोधपुर, किशनगढ़ (अजमेर) का चरी लोक नृत्य, डेरू ग्रुप सरदारशहर द्वारा गोगाजी स्तुति तथा श्रीगंगानगर के फंजाबी भांगड़ा दल की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। up to date
सुरक्षा और लाइव दर्शन व्यवस्था
मेले के दौरान पुलिस प्रशासन ने मंदिर, परिसर और मेला क्षेत्र में कानून व्यवस्था, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सहायक आयुक्त ओम प्रकाश ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त सी.सी.टी.वी. कैमरों के साथ मंदिर के बाहर दो एल.सी.डी. स्क्रीन लगाई गईं, जिनके माध्यम से श्री गोगाजी के लाइव दर्शन कराए गए। साथ ही श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर के बाहर लाइव लाइटिंग शो भी किया गया। नववर्ष मेले का समापन श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक समरसता के संदेश के साथ हुआ, जिससे गोगामेड़ी एक बार फिर आस्था का प्रमुख केंद्र बनकर उभरी।up to date




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