Gold-Silver Price Crash: सोना-चांदी में हाहाकार: चांदी ₹1.10 लाख टूटी, सोना ₹20 हजार सस्ता – जानिए अचानक क्यों क्रैश हुआ बाजार

 

30 जनवरी को जबरदस्त उथल-पुथल up to date

देश के गोल्ड और सिल्वर मार्केट में 30 जनवरी को जबरदस्त उथल-पुथल देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना और चांदी दोनों में एक ही दिन में भारी गिरावट दर्ज की गई। चांदी जहां ₹1.10 लाख प्रति किलो टूटकर ₹2.91 लाख पर आ गई, वहीं सोना भी ₹20 हजार सस्ता होकर ₹1.49 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। up to date

यह गिरावट इतनी तेज रही कि निवेशकों और ट्रेडर्स में हड़कंप मच गया। खास बात यह रही कि एक दिन पहले ही सोना-चांदी अपने ऑल-टाइम हाई लेवल पर थे। up to date


MCX पर चांदी में 27% की बड़ी गिरावट

एमसीएक्स पर 29 जनवरी को चांदी ₹4.01 लाख प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। लेकिन 30 जनवरी को अचानक भारी बिकवाली देखने को मिली और चांदी ₹1.10 लाख यानी करीब 27% टूट गई।

अब एमसीएक्स पर:

  • 1 किलो चांदी की कीमत: ₹2.91 लाख

इतनी बड़ी गिरावट आमतौर पर कमोडिटी मार्केट में कम ही देखने को मिलती है।


सोना भी नहीं बचा, ₹20 हजार की गिरावट

चांदी के साथ-साथ सोने में भी बड़ी गिरावट आई।
एमसीएक्स पर:

  • 29 जनवरी: ₹1.69 लाख प्रति 10 ग्राम

  • 30 जनवरी: ₹1.49 लाख प्रति 10 ग्राम

यानी एक ही दिन में सोना करीब 12% टूट गया। up to date


सोने-चांदी में गिरावट की 2 बड़ी वजहें

1. मुनाफा वसूली (Profit Booking)

बीते कुछ हफ्तों में सोना और चांदी लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे थे। कीमतें ऑल-टाइम हाई पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने बड़े पैमाने पर मुनाफा वसूली शुरू कर दी।

जैसे ही बड़े निवेशकों ने बिकवाली की, मार्केट में दबाव बढ़ गया और कीमतें तेजी से नीचे आ गईं।


2. फिजिकल डिमांड में कमजोरी

ऑल-टाइम हाई कीमतों के बाद:

  • ज्वेलरी की मांग घटी

  • इंडस्ट्रियल यूज को लेकर चिंताएं बढ़ीं

  • आम खरीदार बाजार से दूर रहा up to date

जब फिजिकल डिमांड कमजोर होती है, तो कीमतों को सपोर्ट नहीं मिल पाता।


मार्जिन बढ़ने से और बढ़ा दबाव

सेबी रजिस्टर्ड कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के मुताबिक, गिरावट की एक अहम वजह एक्सचेंज द्वारा मार्जिन बढ़ाना भी है।

CME ने बढ़ाया मार्जिन

शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज (CME) ने:

  • सोने पर मार्जिन: 6% से बढ़ाकर 8%

  • चांदी पर मार्जिन: 11% से बढ़ाकर 15%


मार्जिन बढ़ने का असर क्या होता है?

कमोडिटी ट्रेडिंग में:

  • ट्रेडर को पूरी रकम नहीं देनी होती up to date

  • कुल सौदे का एक हिस्सा सिक्योरिटी के रूप में जमा करना होता है, जिसे मार्जिन कहते हैं

जब मार्जिन बढ़ता है:

  • ट्रेडर्स को ज्यादा पैसा जमा करना पड़ता है

  • जिनके पास अतिरिक्त पैसा नहीं होता, वे अपनी पोजीशन बेचने लगते हैं

एक साथ जब कई लोग बेचते हैं, तो कीमतों में तेज गिरावट आती है।


 सर्राफा बाजार में भी सोना-चांदी सस्ती up to date


सर्राफा बाजार में भी भारी गिरावट

वायदा बाजार के साथ-साथ सर्राफा बाजार में भी सोना-चांदी सस्ती हुई है।

IBJA के अनुसार:

  • चांदी: ₹40,638 सस्ती होकर ₹3,39,350 प्रति किलो

  • सोना: ₹9,545 सस्ता होकर ₹1,65,795 प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट)

हालांकि सर्राफा बाजार शाम 5 बजे बंद हो जाता है, इसलिए यहां वायदा बाजार की तुलना में गिरावट थोड़ी कम रही। up to date


वायदा और सर्राफा बाजार में अंतर क्यों?

  • वायदा बाजार (MCX): रात 12 बजे तक खुला रहता है

  • सर्राफा बाजार: शाम 5 बजे बंद

वायदा बाजार में हर सेकेंड बोली लगती है, जिससे कीमतें तेजी से ऊपर-नीचे होती हैं।


ज्वेलरी खरीदते समय रखें ये 2 जरूरी बातें

1. हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सोना लें

सोना खरीदते समय:

  • BIS (Bureau of Indian Standards) हॉलमार्क जरूर देखें

  • हॉलमार्क अल्फान्यूमेरिक होता है, जैसे – AZ4524

यह सोने की शुद्धता और कैरेट की पुष्टि करता है।


2. कीमत जरूर क्रॉस-चेक करें

खरीद से पहले:

  • IBJA जैसी विश्वसनीय वेबसाइट से रेट जांचें

  • 24, 22 और 18 कैरेट के भाव अलग-अलग होते हैं

  • वजन और मेकिंग चार्ज स्पष्ट समझें up to date


असली चांदी पहचानने के 4 आसान तरीके

1. मैग्नेट टेस्ट

असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती।

2. आइस टेस्ट

चांदी पर बर्फ रखने पर वह तेजी से पिघलती है।

3. स्मेल टेस्ट

असली चांदी में कोई गंध नहीं होती।

4. क्लॉथ टेस्ट

सफेद कपड़े से रगड़ने पर काला निशान आए तो चांदी असली होती है।


क्या सोने की कीमत बढ़ने से खर्च करने की ताकत बढ़ती है?

इकोनॉमिक्स में इसे वेल्थ इफेक्ट कहा जाता है, यानी संपत्ति की कीमत बढ़ने पर लोग खुद को अमीर महसूस करते हैं और ज्यादा खर्च करते हैं। up to date

लेकिन MK Global की रिपोर्ट कुछ और ही कहती है।

रिपोर्ट के मुताबिक:

  • भारत में 75-80% सोना ज्वेलरी के रूप में है

  • लोग इसे परंपरा और लॉन्ग-टर्म सेविंग मानते हैं

  • ज्यादातर लोग सोना बेचते नहीं हैं

इसलिए कीमत बढ़ने का रोजमर्रा की खपत पर ज्यादा असर नहीं पड़ता।


RBI लगातार बढ़ा रहा सोने का भंडार

सिर्फ आम लोग ही नहीं, बल्कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) भी सोने पर भरोसा दिखा रहा है।

आंकड़े:

  • 2024 से अब तक RBI ने 75 टन सोना खरीदा

  • भारत का कुल गोल्ड रिजर्व: 880 टन

  • विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी: करीब 14% up to date


चीन भी सोने पर दांव लगा रहा

भारत की तरह चीन का केंद्रीय बैंक People’s Bank of China भी बड़े पैमाने पर सोना खरीद रहा है।

कई देश:

  • डॉलर पर निर्भरता घटाना चाहते हैं

  • जियो-पॉलिटिकल जोखिम से बचना चाहते हैं

  • सोने को सुरक्षित निवेश मान रहे हैं


घरों में पड़ा ‘बेकार’ सोना कैसे काम आए?

अर्थशास्त्रियों के मुताबिक घरों में रखा सोना एक Idle Asset है, जिससे कोई नियमित कमाई नहीं होती।

सरकार ने विकल्प दिए हैं: up to date

  • सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB)

  • गोल्ड ETF

  • डिजिटल गोल्ड

इसके बावजूद भारतीयों का फिजिकल गोल्ड से लगाव कम नहीं हो रहा।


निष्कर्ष

सोना और चांदी में आई यह बड़ी गिरावट बताती है कि कमोडिटी मार्केट में उतार-चढ़ाव हमेशा बना रहता है। मुनाफा वसूली, मार्जिन बढ़ोतरी और कमजोर डिमांड जैसे फैक्टर अचानक कीमतों को नीचे ला सकते हैं।

निवेशकों के लिए जरूरी है कि: up to date

  • जल्दबाजी में फैसला न लें

  • फिजिकल और फाइनेंशियल गोल्ड के फर्क को समझें

  • लंबी अवधि की रणनीति के साथ निवेश करें

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