सिरसा। नाबालिग बच्चों को बाइक, स्कूटर या कार चलाने की अनुमति देना मोटर वाहन अधिनियम के तहत गंभीर अपराध है। ऐसा करने पर न केवल नाबालिग के खिलाफ, बल्कि वाहन मालिक और अभिभावकों पर भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह चेतावनी पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण ने आमजन को दी है।
एसपी दीपक सहारण ने कहा कि ट्रैफिक नियमों की अनदेखी बच्चों की जान के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। जब तक कोई बच्चा सरकार द्वारा निर्धारित 18 वर्ष की आयु पूरी नहीं कर लेता और उसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होता, तब तक उसे किसी भी प्रकार का वाहन चलाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है, तो नियमों के तहत वाहन मालिक का पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) रद्द करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को यातायात नियमों की पूरी जानकारी दें और स्वयं भी नियमों का पालन करें। साथ ही, सभी वाहन मालिकों को मानक (पैटर्न) के अनुसार नंबर प्लेट लगवाने, पीछे रिफ्लेक्टर टेप लगाने और सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। बिना निर्धारित पैटर्न की नंबर प्लेट या रिफ्लेक्टर टेप के वाहन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक यातायात, हाईवे करनाल के दिशा-निर्देशानुसार 1 जनवरी से 31 जनवरी तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह मनाया जा रहा है। इसके तहत सिरसा जिले के सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में आमजन को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
ओवर स्पीड, ओवरटेक और गलत लेन बदलने वालों पर निगरानी
ठंड और घने कोहरे को देखते हुए सिरसा पुलिस ने ओवर स्पीड, ओवरटेक और गलत लेन बदलने वालों पर विशेष निगरानी बढ़ा दी है, क्योंकि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं इन्हीं कारणों से होती हैं। पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर वाहन चालकों से अतिरिक्त सावधानी बरतने, धीमी गति से वाहन चलाने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है।
एसपी दीपक सहारण ने कहा कि मौसम में बदलाव के कारण कोहरे के दौरान दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। यदि वाहन चालक थोड़ी भी सावधानी बरतें और नियमों का पालन करें, तो सड़क हादसों से बचा जा सकता है। सिरसा पुलिस का उद्देश्य लोगों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना और सड़क दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना है।

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