Haryana Karnal News: पोते ने ही दबाया दादा-दादी का गला, दादी आखिरी सांस तक कहती रही– रविंद्र बचा लो

15 लाख रुपये और जमीन हड़पने के लालच में साजिश रची  up to date


करनाल न्यूज। हरियाणा के करनाल जिले में हुए बुजुर्ग दंपती की ह*त्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस का मुख्य आरोपी कोई और नहीं बल्कि मृतकों का पोता रविंद्र निकला। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने 15 लाख रुपये और जमीन हड़पने के लालच में साजिश रची थी। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी रविंद्र सहित उसके दो साथियों प्रदीप और गुलशन को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।


बाबा बना हुआ था रविंद्र, नशे का आदी निकला आरोपी

DSP गोरखपाल राणा ने बताया कि मुख्य आरोपी रविंद्र नशे का आदी है और बाबा का भेष बनाकर घूमता था। उसका दावा था कि वह दादा-दादी की जमीन पर मंदिर बनवाना चाहता है। लेकिन असल मकसद जमीन पर कब्जा और पैसों की वसूली था। up to date

रविंद्र ने अपने दादा हरि सिंह और दादी लीला की ह*त्या की पूरी योजना पहले से बना रखी थी और सही मौके की तलाश में था।


उंगली की चोट से फंसा हत्यारा

पुलिस को रविंद्र पर तब शक हुआ जब उसकी दाहिने हाथ की दूसरी उंगली पर चोट के निशान पाए गए। पूछताछ में उसने बताया कि लकड़ी तोड़ते समय उसे चोट लगी। लेकिन जब पुलिस उसे बताए गए स्थान पर लेकर गई, तो वहां लकड़ी का कोई निशान नहीं मिला। यहीं से पुलिस का शक गहरा गया और कड़ाई से पूछताछ में सारा सच सामने आ गया।


दादा ने चुकाया था 15 लाख का कर्ज

DSP के अनुसार, रविंद्र ने बैंक से 15 लाख रुपये का लोन लिया था। समय पर कर्ज न चुकाने के कारण उसके मकान की कुर्की होने वाली थी। करीब डेढ़ साल पहले दादा हरि सिंह ने अपने पैसों से बैंक का कर्ज चुकाकर उसे बचाया था।

इसके बाद हरि सिंह लगातार रविंद्र से अपने पैसे वापस मांग रहे थे। यही बात रविंद्र को खटक रही थी और उसने ह*त्या की साजिश रच डाली। up to date


तांबे के लालच में साथियों को किया शामिल

रविंद्र ने अपने प्लान में जयसिंहपुरा गांव के प्रदीप और गुलशन को शामिल किया। उसने उन्हें लालच दिया कि दादा के कबाड़ गोदाम से तांबा और कीमती सामान चोरी कर लिया जाएगा और पूरी घटना को लूट का रूप दे दिया जाएगा। लालच में आकर दोनों आरोपी इस साजिश में शामिल हो गए।


दीवार फांदकर घर में घुसे, गला दबाकर की ह*त्या

11 जनवरी की रात तीनों आरोपी दीवार फांदकर दादा-दादी के घर में घुसे। सबसे पहले उनके हाथ-पैर बांधे गए और मुंह पर टेप लगा दी गई। इसके बाद रविंद्र ने खुद अपने दादा हरि सिंह और दादी लीला का गला दबाकर ह*त्या कर दी। up to date

वारदात रात करीब 11:47 बजे से सवा 1 बजे के बीच अंजाम दी गई।


“रविंद्र बचा लो…” दादी की आखिरी पुकार

DSP ने बताया कि ह*त्या के समय रविंद्र ने मंकी कैप पहनी हुई थी। जब वह अपनी दादी लीला का गला दबा रहा था, तब दादी लगातार चिल्लाती रहीं—
“रविंद्र बचा लो, रविंद्र बचा लो…”

दादी को यह अंदाजा नहीं था कि जिसे वह मदद के लिए पुकार रही हैं, वही उनका ह*त्यारा है। up to date


ऐसे सामने आई वारदात

1. नंबरदार थे हरि सिंह

मृतक हरि सिंह (80) असंध क्षेत्र के नंबरदार रह चुके थे और कबाड़ का काम करते थे। वह करीब 40 वर्षों से असंध में रह रहे थे। उनकी पत्नी लीला (75) गृहिणी थीं। up to date

2. घर में बिखरा मिला सामान

सोमवार सुबह पोता रोहित जब घर पहुंचा तो दरवाजा आधा खुला मिला। अंदर जाने पर सामान बिखरा हुआ था।

3. जमीन पर पड़ी मिली लाश

घर के अंदर दोनों बुजुर्गों की लाश जमीन पर पड़ी थी। हाथ-पैर बंधे हुए थे और शरीर अकड़ा हुआ था। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।


पुलिस की अपील: नशे से दूर रहें युवा

पुलिस ने कहा कि नशे की लत युवाओं को अपराध की राह पर ले जा रही है। युवा वर्ग पढ़ाई और सही दिशा में ध्यान दे। कोई भी अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून से बच नहीं सकता। दोषी जरूर पकड़ा जाता है। up to date

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