Agriculture News : 9750 हेक्टेयर में लहलहाई सरसों: 30 मण प्रति एकड़ पैदावार की उम्मीद, किसानों के चेहरे खिले

खेतों में पीली फसल की कटाई का दृश्य up to date

 ओढ़ां खंड में अगेती सरसों की फसल का कटान शुरू हो चुका है। खेतों में पीली फसल की कटाई का दृश्य किसानों के चेहरों पर खुशी साफ झलकाता है। आगामी 15 दिनों में अगेती के साथ-साथ पछेती सरसों का कटान भी शुरू हो जाएगा। वहीं गेहूं की फसल को पकने में अभी करीब एक माह का समय बाकी है। up to date

इस बार ओढ़ां खंड में लगभग 9750 हेक्टेयर भूमि में सरसों की बिजाई की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। किसानों का कहना है कि मौसम अनुकूल रहने, प्राकृतिक आपदा न आने और फसली रोगों के प्रकोप न होने से फसल अच्छी तैयार हुई है। up to date

25 से 30 मण प्रति एकड़ उत्पादन की उम्मीद

गांव नुहियांवाली के किसान डॉ. जगदीश, जसराज सहारण, लीलाधर जोशी, कालु सहारण, नवनीत, सुगना राम और रणवीर ने बताया कि पिछले वर्ष सरसों का उत्पादन करीब 20 से 25 मण प्रति एकड़ रहा था। इस बार फसल की स्थिति और बेहतर है, जिससे 25 से 30 मण प्रति एकड़ उत्पादन की उम्मीद जताई जा रही है। up to date

किसानों के अनुसार यदि मौसम इसी तरह साथ देता रहा तो गेहूं की पैदावार भी बेहतर रहने की संभावना है। हालांकि समय से पहले बढ़ती गर्मी गेहूं की फसल पर कुछ विपरीत प्रभाव डाल सकती है।

 25 से 30 मण प्रति एकड़ उत्पादन की उम्मीद


खरीफ में घाटा, रबी से उम्मीद

किसानों ने बताया कि इस बार खरीफ की फसल कमजोर रही और लागत भी पूरी नहीं हो पाई, जिससे घाटा उठाना पड़ा। लेकिन रबी की फसल ने उम्मीद जगाई है और अब अच्छी पैदावार की संभावना से किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है। up to date

अन्य फसलों की स्थिति

  • 9750 हेक्टेयर में सरसों

  • 33 हजार हेक्टेयर में गेहूं

  • 26 हेक्टेयर में चना

  • 40 हेक्टेयर में जौ की बिजाई हुई है

गुलाबी सुंडी से बचाव के निर्देश

कृषि विभाग डबवाली उपमंडल के तकनीकी सहायक डॉ. रामपाल रंगा ने बताया कि रबी की सभी फसलें इस बार अच्छी स्थिति में हैं। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि गेहूं में 1–2 बार सिंचाई और मिल्किंग स्टेज पर पानी की कमी न होने दें। साथ ही 1–2 बार एनपीके या 13:0:45 का छिड़काव पैदावार बढ़ाने में सहायक होगा। up to date

उन्होंने यह भी कहा कि खेतों में पड़ी बनछटियों को झाड़कर सीधा खड़ा करें और अवशेषों को मिट्टी में दबा दें, ताकि गुलाबी सुंडी का जीवन चक्र टूट सके। यह कीट मुख्य रूप से कपास और नरमे की फसल में पनपता है।

फिलहाल क्षेत्र में अगेती सरसों की कटाई पूरे जोर-शोर से जारी है और किसान अच्छी पैदावार की उम्मीद में मेहनत कर रहे हैं। up to date

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