BREAKING: बजट आते ही बाजार डगमगाया Budget 2026: जो उम्मीद थी वो नहीं मिला, लेकिन जो मिला उसने सबको चौंका दिया



 नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया। यह उनका लगातार नौवां बजट और मोदी सरकार का 15वां केंद्रीय बजट है। सरकार ने इस बजट का कुल आकार 53 लाख 47 हजार 315 करोड़ रुपये रखा है। बजट का उद्देश्य देश की अर्थव्यवस्था को वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच मजबूत बनाना और भारत को विकसित राष्ट्र की दिशा में आगे बढ़ाना है।

इस बजट में सरकार ने पूंजीगत व्यय, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, किसानों, महिलाओं और कमजोर वर्गों पर विशेष ध्यान दिया है। साथ ही राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए घाटे और सरकारी कर्ज को नियंत्रित रखने का लक्ष्य भी रखा गया है। Budget 2026: No Tax Cut, Still a Big Surprise – Here’s Why


1. बजट का कुल आकार और पूंजीगत व्यय

सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 17 लाख 14 हजार 523 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) का लक्ष्य रखा है। यह राशि सड़क, रेलवे, बंदरगाह, बिजली, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास पर खर्च की जाएगी।

पूंजीगत व्यय बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य रोजगार सृजन, उत्पादन क्षमता में वृद्धि और निजी निवेश को प्रोत्साहित करना है। सरकार का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च से अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ेगी और विकास को गति मिलेगी।


2. आयकर और कर व्यवस्था में बदलाव

इस बजट में व्यक्तिगत आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी आम करदाताओं को आयकर में कोई सीधी राहत नहीं मिली है। हालांकि सरकार ने कर अनुपालन को आसान बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

  • रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा अब 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है।

  • उद्योगों के लिए न्यूनतम वैकल्पिक कर (MAT) की दर 15% से घटाकर 14% कर दी गई है, जिससे कॉरपोरेट सेक्टर को राहत मिलेगी।

सरकार का कहना है कि इससे निवेश का माहौल बेहतर होगा और उद्योगों को विस्तार में मदद मिलेगी।


3. रक्षा बजट: सुरक्षा और आधुनिकीकरण पर जोर

राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने रक्षा बजट में 15.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है।
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रक्षा क्षेत्र को 7.85 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

  • हथियारों की खरीद और सैन्य आधुनिकीकरण के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे।

  • यह राशि पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 22% अधिक है।

सरकार का लक्ष्य स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देना और सेना को आधुनिक तकनीक से लैस करना है।


4. स्वास्थ्य क्षेत्र: दवाएं सस्ती, सुविधाएं मजबूत

बजट 2026-27 में स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ी राहत दी गई है।

  • कैंसर की 17 दवाओं पर लगने वाला 5% आयात शुल्क पूरी तरह हटाया गया है।

  • हीमोफीलिया, सिकल सेल और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाएं भी ड्यूटी फ्री होंगी।

इसके अलावा:

  • 3 नए आयुर्वेदिक एम्स खोले जाएंगे।

  • मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए 5 मेडिकल हब स्थापित किए जाएंगे।

  • देश के 50% जिला अस्पतालों में आपात चिकित्सा और ट्रॉमा सेंटर बनाए जाएंगे।

  • मानसिक स्वास्थ्य के लिए उत्तर भारत में नया निमहांस संस्थान खोला जाएगा।


5. शिक्षा और कौशल विकास

शिक्षा और युवाओं के कौशल विकास को लेकर बजट में कई घोषणाएं की गई हैं।

  • 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब बनाई जाएंगी।

  • देश के करीब 800 जिलों में छात्राओं के लिए हॉस्टल का निर्माण होगा।

  • बड़े शहरों के पास 5 नए यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित किए जाएंगे।

  • गणित और विज्ञान पढ़ने वाली छात्राओं के लिए हर जिले में छात्रावास बनाए जाएंगे।

इन पहलों का उद्देश्य शिक्षा को आधुनिक बनाना और रोजगार योग्य कौशल विकसित करना है।


6. टियर-2 और टियर-3 शहरों का विकास

सरकार ने 5 लाख से अधिक आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की है।

  • पश्चिम बंगाल के दानकुनी से गुजरात के सूरत तक नया माल परिवहन गलियारा बनेगा।

  • बनारस और पटना में जलमार्गों के लिए पोत निर्माण केंद्र स्थापित होंगे।

इससे छोटे शहरों में रोजगार बढ़ेगा और क्षेत्रीय विकास को बल मिलेगा।


7. उद्योग और विनिर्माण को बढ़ावा

बजट में बायो-फार्मा, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट, कपड़ा और दुर्लभ खनिज जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने की घोषणा की गई है।

  • 200 से अधिक पारंपरिक औद्योगिक क्लस्टरों का पुनरुद्धार किया जाएगा।

  • चार नए आर्थिक क्षेत्र विकसित होंगे।

  • 10,000 करोड़ रुपये के निवेश से ‘बायो-फार्मा शक्ति’ योजना शुरू होगी।

  • सरकार सेमीकंडक्टर मिशन ISM 2.0 लॉन्च करेगी।


8. किसान, महिला और कमजोर वर्ग

किसानों की आय बढ़ाने के लिए बहुभाषीय AI टूल ‘भारत विस्तार’ लॉन्च किया जाएगा।
महिलाओं, दिव्यांगजनों और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा की गई है।

  • दिव्यांग सहारा योजना के तहत कृत्रिम अंग निर्माण को बढ़ावा।

  • पूर्वोत्तर राज्यों में बौद्ध सर्किट का विकास।


9. राजकोषीय घाटा और सरकारी कर्ज

सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटे को GDP के 4.3% तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा है।
ऋण-GDP अनुपात को 2030-31 तक 50% के आसपास रखने की योजना है।

सरकार का मानना है कि इससे ब्याज बोझ घटेगा और विकास के लिए संसाधन उपलब्ध होंगे।


10. 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट

बजट भाषण में वित्त मंत्री ने 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट को स्वीकार करने की घोषणा की।
इसके तहत केंद्र की कर आय में राज्यों की हिस्सेदारी 41% बनी रहेगी।

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