Gold–Silver Crash: रिकॉर्ड हाई के बाद रिकॉर्ड गिरावट! सोना ₹30 हजार और चांदी ₹1.60 लाख सस्ती

 


मुनाफावसूली, कमजोर डिमांड और बढ़े मार्जिन ने बनाया दबाव

नई दिल्ली।
गोल्ड और सिल्वर मार्केट में भारी उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। लगातार तीसरे दिन सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। आज यानी 2 फरवरी को वायदा बाजार (MCX) में चांदी करीब ₹23 हजार (9%) टूट गई, जबकि सोना करीब ₹7 हजार (6%) सस्ता हुआ।

आज के कारोबार में 1 किलो चांदी का भाव गिरकर ₹2.41 लाख पर आ गया, वहीं 10 ग्राम सोना ₹1.40 लाख के स्तर पर ट्रेड करता नजर आया। बीते तीन दिनों में निवेशकों को भारी झटका लगा है, क्योंकि इस दौरान सोना करीब ₹30 हजार और चांदी लगभग ₹1.60 लाख तक सस्ती हो चुकी है।


30 जनवरी को भी आई थी बड़ी गिरावट

इससे पहले 30 जनवरी को सर्राफा बाजार में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली थी।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक—

  • चांदी ₹40,638 टूटकर ₹3,39,350 प्रति किलो पर आ गई थी

  • 24 कैरेट सोना ₹9,545 सस्ता होकर ₹1,65,795 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था

यानि जनवरी के आखिरी सप्ताह से ही गोल्ड और सिल्वर मार्केट में कमजोरी के संकेत मिलने लगे थे।


तीन दिन में कितना टूटा सोना–चांदी? (MCX डेटा)

वायदा बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गिरावट और भी ज्यादा तेज रही—

सोना (Gold MCX)

  • 29 जनवरी: ₹1.69 लाख प्रति 10 ग्राम

  • 2 फरवरी: ₹1.40 लाख प्रति 10 ग्राम
    👉 कुल गिरावट: करीब ₹30,000

चांदी (Silver MCX)

  • 29 जनवरी: ₹4.01 लाख प्रति किलो

  • 2 फरवरी: ₹2.40–2.41 लाख प्रति किलो
    👉 कुल गिरावट: करीब ₹1.60 लाख

इतनी तेज गिरावट ने शॉर्ट टर्म निवेशकों के साथ-साथ लॉन्ग टर्म निवेशकों को भी चौंका दिया है।


पिछले 1 महीने का ट्रेंड: रिकॉर्ड हाई से तेज फिसलन

अगर पिछले 1 महीने के ट्रेंड पर नजर डालें तो साफ पता चलता है कि—

  • दिसंबर के आखिरी सप्ताह से सोने-चांदी में लगातार तेजी बनी हुई थी

  • जनवरी के पहले 20–25 दिनों में कीमतें नए ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गईं

  • सोना ₹1.65–1.69 लाख और चांदी ₹4 लाख के पार निकल गई

लेकिन जैसे ही कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचीं, मुनाफावसूली शुरू हो गई। बड़े निवेशकों और ट्रेडर्स ने ऊंचे स्तरों पर बिकवाली की, जिससे मार्केट का रुख अचानक बदल गया।


सोने-चांदी में गिरावट की 2 बड़ी वजहें

1️⃣ प्रॉफिट बुकिंग

सोना और चांदी हाल के दिनों में अपने ऑल टाइम हाई पर पहुंच चुके थे।
इतने ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुकिंग की।

  • उन्होंने ऊंचे भाव पर बेचकर मुनाफा निकाल लिया

इससे बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया।


2️⃣ फिजिकल डिमांड में कमी

ऑल टाइम हाई के बाद—

  • ज्वेलरी की खरीद कमजोर हुई

  • शादी-विवाह की मांग में भी थोड़ी सुस्ती दिखी

  • चांदी के औद्योगिक उपयोग को लेकर चिंताएं बढ़ीं

जब फिजिकल डिमांड घटती है, तो कीमतों पर सीधा असर पड़ता है।


मार्जिन बढ़ने से और बढ़ा दबाव

सेबी रजिस्टर्ड कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के अनुसार—

शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज (CME) ने कॉपर के बाद अब सोने और चांदी पर भी मार्जिन मनी बढ़ा दी है, जिससे बाजार पर दबाव बना है।

नया मार्जिन स्ट्रक्चर

  • सोना: 6% ➝ 8%

  • चांदी: 11% ➝ 15%


मार्जिन बढ़ने से कीमतें क्यों गिरती हैं?

कमोडिटी मार्केट में—

  • ट्रेडर्स को पूरी रकम नहीं, सिर्फ एक हिस्सा जमा करना होता है

  • इसी को मार्जिन मनी कहते हैं

जब एक्सचेंज मार्जिन बढ़ाता है—

  • ट्रेडर्स को ज्यादा पैसा जमा करना पड़ता है

  • जिनके पास तुरंत पैसा नहीं होता

  • वे अपनी पोजिशन काटने यानी बेचने लगते हैं

जब एक साथ बहुत लोग बेचते हैं, तो कीमतें तेजी से गिरती हैं। यही हाल फिलहाल गोल्ड और सिल्वर में देखने को मिला।


सर्राफा बाजार में सोने-चांदी के ताजा भाव

सर्राफा बाजार में भी गिरावट का असर साफ दिख रहा है—

  • 24 कैरेट सोना: ₹1.40–1.45 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास

  • चांदी: ₹2.40–2.45 लाख प्रति किलो के स्तर पर

हालांकि अलग-अलग शहरों में टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण भावों में थोड़ा अंतर हो सकता है।


निवेशकों के लिए क्या है आगे की रणनीति?

कमोडिटी एक्सपर्ट्स मानते हैं कि—

  • शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है

  • लेकिन लॉन्ग टर्म में सोना अब भी सुरक्षित निवेश माना जाता है

अगर कीमतें और नीचे आती हैं, तो लॉन्ग टर्म निवेशक धीरे-धीरे खरीदारी कर सकते हैं।


ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान

1️⃣ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें

हमेशा BIS हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही लें।
हॉलमार्क नंबर अल्फान्यूमेरिक होता है, जैसे – AZ4524
इससे सोने की शुद्धता और कैरेट की पुष्टि होती है।


2️⃣ कीमत जरूर क्रॉस-चेक करें

  • खरीद के दिन का भाव जरूर जांचें

  • IBJA जैसी भरोसेमंद वेबसाइट से रेट क्रॉस-चेक करें

  • 24, 22 और 18 कैरेट के रेट अलग-अलग होते हैं

जल्दबाजी में खरीदारी करने से बचें।


रिकॉर्ड

जनवरी में रिकॉर्ड हाई छूने के बाद फरवरी की शुरुआत में गोल्ड और सिल्वर मार्केट में बड़ी गिरावट देखने को मिली है।
मुनाफावसूली, कमजोर फिजिकल डिमांड और बढ़े मार्जिन के चलते फिलहाल बाजार दबाव में है।

निवेशकों के लिए सलाह यही है कि घबराकर फैसला न लें, बाजार के ट्रेंड को समझकर ही निवेश करें।

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