GATE Exam Scam: ब्लूटूथ डिवाइस से नकल करते पकड़े गए इंजीनियर और छात्र



फतेहाबाद। रायपुर में आयोजित गेट परीक्षा के दौरान ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल करते तीन आरोपी पकड़े गए हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी कस्बा भूना के रहने वाले हैं। आरोपियों की पहचान लक्ष्मी नारायण उर्फ लक्खी (वार्ड 14), अमर सिंह (वार्ड 15) और बंटी कुमार (वार्ड 5) शामिल हैं। तीनों युवक एक दिन पहले ही रायपुर पहुंचे और एम्स रायपुर के सामने स्थित एक होटल में कमरा लिया। पड़ोसियों के मुताबिक दो आरोपी पहले से नौकरी में हैं। लक्ष्मी नारायण अंबाला की एक रोड निर्माण कंपनी में कार्यरत है और करीब 70 हजार रुपए मासिक वेतन पाता है। अमर सिंह जम्मू-कश्मीर में नेशनल थर्मल पावर कंपनी में पदस्थ है, जिसकी सैलरी लगभग एक लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि वह एसडीओ पद पर प्रमोशन की तैयारी में था। तीसरा आरोपी बंटी कुमार बीटेक की पढ़ाई कर रहा है।

शहर से दूर सेंटर चुना, पहले की थी रेकी

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों ने परीक्षा से पहले रायपुर All India Institute of Medical Sciences Raipur की जानकारी जुटाई थी। उन्होंने ऐसा सेंटर चुना जो शहर से दूर हो, ताकि निगरानी कम रहे। इसी रणनीति के तहत सिमगा स्थित आयन डिजिटल जोन को परीक्षा केंद्र बनाया गया। यहां 7-8 और 14-15 फरवरी को परीक्षा आयोजित हुई थी। एक दिन में करीब 500 से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परीक्षा के दौरान संदिग्ध गतिविधि दिखने पर जांच की गई तो युवक से ब्लूटूथ डिवाइस बरामद हुए। इसके बाद तीनों को हिरासत में ले लिया गया।

परिवार साधारण पृष्ठभूमि के, कोई बोलने को तैयार नहीं

तीनों आरोपी सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से संबंध रखते हैं। इनमें अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग से जुड़े परिवार भी शामिल हैं। अमर सिंह के पिता पब्लिक हेल्थ विभाग से पंप आॅपरेटर के पद से सेवानिवृत्त हैं। घटना के बाद परिवार का कोई सदस्य मीडिया से बात करने को तैयार नहीं है।

 

गेट स्कोर से मिलती है टॉप संस्थानों में एंट्री

गेट स्कोर के आधार पर देशभर के आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपलआईटी और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में एमटेक, एमएस व पीएचडी में प्रवेश मिलता है। अच्छे स्कोर पर स्टाइपेंड भी मिलता है। लेकिन शॉर्टकट के इस रास्ते ने तीनों युवकों के करियर पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।

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