बाजरा उत्पादक किसानों की हुई बल्ले-बल्ले, खातों में आये इतने रुपये...

मुख्यमंत्री ने भावान्तर भरपाई योजना के तहत 380 करोड़ रुपये किसानों के खाते में किये जारी 


भावान्तर भरपाई योजना के तहत 380 करोड़ रुपए बाजरा उत्पादक किसानों के लिए जारी कर दिये। up to date


चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने रविवार को भावान्तर भरपाई योजना के तहत 380 करोड़ रुपए बाजरा उत्पादक किसानों के लिए जारी कर दिये। मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित भाजपा किसान मोर्चा की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समृद्धि के बिना प्रदेश में खुशहाली नहीं आ सकती। इसलिए किसान हित सरकार के लिए सर्वोपरि हैं। किसान को बिजाई से लेकर कटाई तक के कृषि यंत्रों पर सब्सिडी दी जाती है। यदि प्राकृतिक आपदा से फसल को नुकसान होता है तो मुआवजे व फसल बीमा का प्रावधान है। कटाई के बाद फसल के दाने-दाने की खरीद की व्यवस्था की गई है और भुगतान किसान के खाते में डाला जाता है। यहां प्रदेश अध्यक्ष पंडित मोहनलाल बडौली ने नायब सैनी को सबसे बड़ा किसान हितैषी मुख्यमंत्री बताया। उन्होंने कहा कि नायब सरकार ने किसानों के हित में एतिहासिक फैसले लिए हैं। इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री (संगठन ) फणीन्द्रनाथ शर्मा, प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र पुनिया, प्रदेश महामंत्री डॉ अर्चना गुप्ता, किसान मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष राजबाला और मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती समेत अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।  up to date

एमएसपी पर खरीदी जा रही ये 24 फसलें


24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही है। up to date


उन्होंने कहा कि आज किसानों की सभी 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही है। अब तक 12 लाख किसानों के खातों में फसल खरीद के 1 लाख 64 हजार करोड़ रुपये डाले जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि आपदा के समय किसानों के साथ सरकार खड़ी रहती है। पिछले 11 सालों में किसानों को फसल खराबे के मुआवजे के रूप में 15 हजार 728 करोड़ रुपये दिये हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि बताया कि खरीफ सीजन-2025 की फसलों को प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान के लिए 53 हजार 821 किसानों को 116 करोड़ 51 लाख रुपये से अधिक की राशि मुआवजे के रूप में जारी की गई। उन्होंने कहा कि सबको पता है कि हमारी सरकार ने गन्ने का भाव बढ़ाकर 415 रुपये प्रति क्विंटल तक किया है, जो कि देश में सर्वाधिक है। नायब सिंह सैनी ने किसानों के हित में लिए गए अन्य फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि फसलों की आॅनलाइन बिक्री के लिए प्रदेश की 108 मंडियों को ई -नाम पोर्टल से जोड़ा गया। up to date पिंजौर में एशिया की सबसे बड़ी आधुनिक सेब, फल एवं सब्जी मंडी शुरू की गई है। हरियाणा आप्रेशनल पायलट परियोजना के अन्तर्गत राज्य में अब तक 1 लाख 54 हजार 985 एकड़ भूमि का सुधार किया जा चुका है।


 इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री (संगठन ) फणीन्द्रनाथ शर्मा, प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र पुनिया, प्रदेश महामंत्री डॉ अर्चना गुप्ता, किसान मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष राजबाला और मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती समेत अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।  up to date


प्राकृतिक खेती के लिए किसानों का किया सत्यापन

उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती योजना के तहत 31,873 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए 19,723 किसानों का सत्यापन किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र लघु और सीमांत किसान परिवारों को 6 हजार रुपये वार्षिक दर से 20 लाख 18 हजार किसानों के खातों में 7233 करोड़ रुपये डाले गये। up to date उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अब तक 33 लाख 51 हजार से अधिक किसानों को 9127 करोड़ रुपये बीमा क्लेम के रूप में दिए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में, किसानों की पैक्सों की तरफ बकाया अतिदेय ऋण की समस्या के समाधान के लिए 'एकमुश्त निपटान योजना' शुरू की गई। इस योजना के तहत प्रदेश के 6 लाख 81 हजार 182 किसानों और गरीब मजदूरों का 2 हजार 266 करोड़ रुपये का ब्याज माफ किया है। इसके अलावा , 'एकमुश्त निपटान योजना' के तहत 4 लाख 10 हजार किसानों का 1314 करोड़ रुपये का ब्याज व जुमार्ना माफ किया गया। up to date

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बायोगैस प्लांट पर मिल रहा अनुदान: सैनी 

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को बायोगैस प्लांट पर 9 हजार 800 रुपये से लेकर 22 हजार 750 रुपये प्रति प्लांट अनुदान दिया जाता है। अनुसूचित जाति व जनजाति के किसानों को बायोगैस प्लांट पर 17,000 रुपये से लेकर 29,250 रुपये प्रति प्लांट अनुदान दिया जाता है। अनुसूचित जाति के किसानों को बैटरी चालित स्प्रे पम्प पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है। सोलर पम्प लगाने के लिए किसानों को 75 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि बैंकों से किसानों के लेनदेन पर लगने वाली स्टाम्प फीस 2 हजार रुपये से घटाकर 100 रुपये की गई है। उन्होंने बताया कि सब्जियों व फलों के लिए भावांतर भरपाई योजना में 21 बागवानी फसलों के संरक्षित मूल्य निर्धारित किए तथा 30 हजार से अधिक किसानों को 136 करोड़ 66 लाख रुपये का भावांतर दिया गया है। खरीफ सीजन-2021 से बाजरे की उपज को भी 'भावांतर भरपाई योजना' में शामिल किया गया। अब तक किसानों को बाजरा भावांतर के रूप में 1600 करोड़ से अधिक  की राशि दी जा चुकी है। up to date

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