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| हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का फतेहाबाद पहुंचने पर स्वागत करते स्थानीय लोग up to date |
चंडीगढ़/फतेहाबाद। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सांसद खेल महोत्सव केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक व्यापक स्वास्थ्य और प्रतिभा विकास का उत्सव है, जो युवाओं को सक्रिय, अनुशासित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करता है। यह महोत्सव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खेलों को जन-आंदोलन बनाने के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। मुख्यमंत्री शनिवार को फतेहाबाद में आयोजित सांसद खेल महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन खेलो इंडिया और फिट इंडिया अभियानों को जमीनी स्तर पर मजबूती प्रदान कर रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर दे रहा है। कार्यक्रम में पहुंचने पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आयोजक राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने पगड़ी पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर भव्य स्वागत किया। समापन समारोह के दौरान फाइनल मुकाबलों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों ने मार्चपास्ट किया, जिससे कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह खेल भावना से सराबोर हो गया। मुख्यमंत्री ने फाइनल मुकाबलों का विधिवत शुभारंभ किया और इस दौरान सिरसा व फतेहाबाद की टीमों के बीच हुए कबड्डी मैच को भी देखा। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी, पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल, पूर्व विधायक दुड़ाराम, कई चेयरमैन, अर्जुन अवॉर्डी, द्रोणाचार्य अवॉर्डी खिलाड़ी और अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। up to date
सिरसा लोस के 45 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने कराया पंजीकरण
मुख्यमंत्री ने बताया कि सिरसा लोकसभा क्षेत्र की 9 विधानसभाओं से करीब 45 हजार खिलाड़ियों ने सांसद खेल महोत्सव के लिए पंजीकरण कराया। इनमें से 3604 खिलाड़ी विभिन्न खेलों के फाइनल मुकाबलों में पहुंचे, जो इस महोत्सव की व्यापकता और सफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सांसद खेल महोत्सव के कारण सिरसा लोकसभा क्षेत्र देश के टॉप-10 लोकसभा क्षेत्रों में शामिल हो गया है, जो पूरे हरियाणा के लिए गर्व की बात है। up to date
अवसर मिलने से ही निखरती है प्रतिभा
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार युवाओं में प्रतिभा होने के बावजूद उन्हें सही अवसर नहीं मिल पाता, जिससे वे आगे नहीं बढ़ पाते। इसी बात को समझते हुए प्रधानमंत्री ने सांसद खेल स्पर्धा जैसे आयोजनों की शुरूआत की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल युवाओं की खेलों में रुचि बढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए प्रेरित भी करते हैं। up to date
ओलंपिक में भारत को खेल महाशक्ति बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 11 वर्ष पहले हरियाणा सरकार ने खेलों के लिए एक स्पष्ट विजन तैयार किया था। इस विजन का उद्देश्य था—
- हर बच्चे को खेल से जोड़ना
- हर गांव में खेल का मैदान उपलब्ध कराना
- खेल प्रतिभा रखने वाले हर युवा को अवसर देना
मुख्यमंत्री ने कहा कि लक्ष्य है कि हरियाणा को न केवल भारत बल्कि विश्व की खेल राजधानी के रूप में स्थापित किया जाए। प्रधानमंत्री मोदी ने 2036 ओलंपिक में भारत को खेल महाशक्ति बनाने का लक्ष्य रखा है और इसमें हरियाणा के खिलाड़ी अहम भूमिका निभाएंगे। up to date
सालभर खेल आयोजनों का कैलेंडर
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में सालभर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करने के लिए खेल कैलेंडर तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत—
- खेल महाकुंभ
- राज्यस्तरीय अखाड़ा दंगल
- मुक्केबाजी, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स
- बैडमिंटन, तैराकी, बास्केटबॉल, हैंडबॉल
- जैसी अनेक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं।
सरकार का प्रयास है कि हरियाणा का हर गांव एक ऐसा खिलाड़ी दे, जो विश्व मंच पर भारत का परचम लहराए।
हरियाणा बना खेलों की नर्सरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हरियाणा को पूरे देश में खेलों की नर्सरी कहा जाता है। राज्य में मजबूत खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किया गया है, ताकि खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं मिल सकें। प्रदेश में इस समय 1472 खेल नर्सरियां संचालित हैं, जिनमें 37,225 खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं। up to date
खिलाड़ियों को नौकरियां और करोड़ों के नकद पुरस्कार
मुख्यमंत्री ने बताया कि खिलाड़ियों के लिए हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी सेवा नियम 2021 बनाए गए हैं। इसके तहत
- खेल विभाग में 550 नए पद सृजित
- 231 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी
- 6 करोड़ रुपये तक का नकद पुरस्कार
अब तक 16,418 खिलाड़ियों को 683.15 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार दिए जा चुके हैं। इसके अलावा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 298 खिलाड़ियों को मानदेय और हजारों छात्रों को छात्रवृत्ति दी गई है।
2036 ओलंपिक की तैयारी का मजबूत मंच सुभाष बराला
समारोह की अध्यक्षता करते हुए राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने कहा कि सांसद खेल महोत्सव 2036 ओलंपिक की तैयारी का एक मजबूत मंच बन चुका है। उन्होंने बताया कि यह महोत्सव 21 सितंबर से 105 दिनों तक चला, जिसमें 1500 से अधिक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। उन्होंने युवाओं से नशे और आॅनलाइन गेम्स से दूर रहकर खेलों को अपनाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। up to date



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