न्यूनतम तापमान 9 डिग्री तक पहुंचा, आमजन घरों में दुबकने को मजबूर
भादरा (राजस्थान)। भादरा क्षेत्र में इन दिनों कड़ाके की ठंड ने आमजन का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। शीतलहर और ठंडी हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान गिरकर करीब 9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे सुबह-शाम की ठिठुरन काफी बढ़ गई है। हालात ऐसे हैं कि लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। बाजारों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर सामान्य दिनों की तुलना में आवाजाही कम नजर आ रही है।
सुबह-सुबह काम पर जाने वाले मजदूर, किसान और कर्मचारी अलाव का सहारा लेते दिख रहे हैं। चाय की दुकानों और चौक-चौराहों पर अलाव जलाकर लोग ठंड से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं। विशेषकर दुपहिया वाहन चालकों के लिए यह ठंड परेशानी का कारण बनी हुई है, जिसके चलते सड़कों पर बाइक और स्कूटी की संख्या में भी कमी आई है।
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| ठंड और धुंध के कारण फसल में फुटाव (झाड़) अच्छा |
सर्दी से आमजन बेहाल, दिनचर्या प्रभावित
भादरा क्षेत्र में सुबह के समय घना कोहरा और धुंध छाई रहने से दृश्यता भी प्रभावित हो रही है। कई इलाकों में सुबह 7–8 बजे तक धूप नहीं निकल पा रही, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों और कामकाजी लोगों को खासा संघर्ष करना पड़ रहा है। ठंडी हवाओं के चलते बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस बार सर्दी पिछले कुछ वर्षों की तुलना में अधिक महसूस की जा रही है। शाम ढलते ही तापमान तेजी से गिर जाता है और लोग जल्दी ही घरों में कैद हो जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में तो हालात और भी कठिन हैं, जहां खुले खेतों और कच्चे मकानों में ठंड का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है।
भादरा क्षेत्र में मौजूदा तापमान स्थिति
- न्यूनतम तापमान: लगभग 9 डिग्री सेल्सियस
- अनुमानित रात्रि तापमान (आने वाले दिन): 4 से 10 डिग्री सेल्सियस
- अनुमानित दिन का तापमान: 18 से 24 डिग्री सेल्सियस
- मौसम की स्थिति: शुष्क, सुबह-शाम धुंध/कोहरा
- वर्षा की संभावना: नगण्य
किसानों के लिए राहत की खबर: गेहूं की फसल को लाभ
जहां एक ओर सर्दी आमजन के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर यह ठंड किसानों के लिए राहत भरी खबर लेकर आई है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार गेहूं की फसल के लिए मौजूदा सर्दी बेहद फायदेमंद साबित हो रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड और धुंध के कारण गेहूं की फसल में फुटाव (झाड़) अच्छा होता है, जिससे पैदावार बढ़ने की संभावना रहती है। भादरा क्षेत्र में इस समय गेहूं की फसल अपनी बढ़वार की महत्वपूर्ण अवस्था में है और ठंड इस प्रक्रिया को मजबूत बना रही है।
धुंध की वजह से खेतों में नमी बनी रहती है, जिससे किसानों को बार-बार सिंचाई करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। इससे न केवल पानी की बचत होती है, बल्कि डीजल और बिजली की लागत भी कम होती है। साथ ही ठंड के कारण कई प्रकार के कीट-पतंगों की सक्रियता कम हो जाती है, जिससे कीटनाशकों के उपयोग में भी कमी आती है।
गेहूं की फसल पर सर्दी के फायदे (बॉक्स)
- फसल में बेहतर फुटाव और घनत्व
- सिंचाई की आवश्यकता में कमी
- कीट-पतंगों का प्रकोप कम
- लागत में कमी, उत्पादन की संभावना अधिक
मौसम 14 जनवरी तक रहेगा खुश्क
कृषि विज्ञान केंद्र की मौसम विशेषज्ञ डॉ. ममता के अनुसार भादरा क्षेत्र में 14 जनवरी तक मौसम आमतौर पर खुश्क बने रहने की संभावना है। इस दौरान उत्तर-पश्चिम दिशा से ठंडी हवाएं चल सकती हैं, जिससे रात्रि तापमान में हल्की गिरावट और दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
उन्होंने बताया कि अलसुबह और देर रात हल्की से मध्यम धुंध बने रहने की संभावना है। दिन के समय धूप निकलने और हल्के बादलों का मिश्रण देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर मौसम साफ और शुष्क रहेगा तथा इस अवधि में बारिश की संभावना बहुत कम है।
मानसून की अधिक बारिश से पाले का खतरा कम
डॉ. ममता ने बताया कि इस वर्ष मानसून सीजन में भादरा क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में अच्छी बारिश हुई है। अधिक वर्षा के कारण मिट्टी में नमी की मात्रा अभी भी बनी हुई है। पानी न तो जल्दी ठंडा होता है और न ही जल्दी गर्म, ऐसे में पाले की संभावना कम बनी रहती है।
उनका कहना है कि सर्दी भले ही अच्छी पड़ रही हो, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए भादरा क्षेत्र में भीषण पाले की आशंका फिलहाल कम है, जो किसानों के लिए राहत की बात है।
आलू की फसल पर पाले का खतरा, सतर्कता जरूरी
हालांकि गेहूं की फसल के लिए ठंड लाभदायक है, लेकिन आलू की पछेती फसल के लिए पाला नुकसानदायक साबित हो सकता है। वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार यदि पाला पड़ता है तो आलू में अंगमारी (ब्लास्ट) रोग के पनपने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे फसल को भारी नुकसान हो सकता है।
विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम पर लगातार नजर रखें और आवश्यक बचाव उपाय समय रहते अपनाएं।
आलू को पाले से बचाने के उपाय (बॉक्स)
- पाले की आशंका होने पर खेत में हल्की सिंचाई करें
- रात्रि में खालों में पानी भर दें और सुबह निकाल दें
- शांत और बिना हवा वाली रातों में विशेष सतर्कता बरतें
- अंगमारी से बचाव हेतु फफूंदनाशक दवाओं का छिड़काव करें
ठंड का असर अभी रहेगा बरकरार
मौसम विभाग और कृषि विशेषज्ञों के अनुसार अगले 10 दिनों तक भादरा क्षेत्र में ठंड का असर बना रह सकता है। हालांकि दिन के तापमान में धीरे-धीरे हल्की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी, लेकिन रातें अभी ठंडी बनी रहेंगी। ऐसे में आमजन को स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने और किसानों को फसलों की नियमित निगरानी करने की आवश्यकता है।
आमजन की दिनचर्या प्रभावित
भादरा क्षेत्र में जारी कड़ाके की सर्दी ने जहां आमजन की दिनचर्या प्रभावित की है, वहीं किसानों के लिए यह मौसम मिश्रित प्रभाव लेकर आया है। गेहूं की फसल के लिए यह ठंड किसी वरदान से कम नहीं, जबकि आलू उत्पादकों को सतर्क रहने की जरूरत है। आने वाले दिनों में मौसम साफ और शुष्क रहने की संभावना है, जिससे यदि सावधानी बरती जाए तो नुकसान से बचा जा सकता है और फसलों को बेहतर उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है।


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